नहटौर। गांव महमूदपुर बुजुर्ग स्थित ग्राम पंचायत के अस्थाई गोआश्रय स्थल में व्यवस्थाएं बेहाल हैं। यहां संरक्षित 105 पशुओं के लिए हरा चारा, प्रकाश और गर्मी से राहत के पर्याप्त इंतजाम नहीं मिले, जिससे उनके स्वास्थ्य पर असर पड़ने की आशंका है।
पड़ताल के दौरान सामने आया कि पशुओं के लिए हरे चारे की समुचित व्यवस्था नहीं है। करीब 12 बीघा भूमि में पायनियर घास बोई गई है, लेकिन सिंचाई के अभाव में फसल बढ़ नहीं पा रही। देखरेख में लगे लोगों ने बताया कि पास स्थित एक कुआं खराब होने के कारण खेतों को पानी नहीं मिल रहा है।
गोशाला में एक बड़ी इलेक्ट्रिक लाइट और तीन सोलर लाइटें लगी हैं, लेकिन इनमें से दो खराब पड़ी हैं। सीसीटीवी कैमरे भी बिजली पर निर्भर हैं, जबकि यहां इनवर्टर या जनरेटर की कोई व्यवस्था नहीं है।
भीषण गर्मी के बावजूद गोशाला में पंखों की व्यवस्था नहीं है। पशुओं को अलग-अलग समूहों में बांधकर रखा गया है। पड़ताल के दौरान एक पशु बीमार भी मिला, जिसका उपचार चिकित्सक करते मिले। इसके अलावा, पशुओं की संख्या के मुकाबले कर्मचारियों की कमी भी सामने आई। देखरेख में लगे कार्तिक, मुन्नु, तारो देवी और कुसुम ने बताया कि उन्हें पिछले दो से तीन माह से मानदेय नहीं मिला है, जिससे उन्हें आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पशु चिकित्सक डॉ. अनुराग चौधरी ने बताया कि बीमार पशु का नियमित उपचार कराया जा रहा है। गर्मी को देखते हुए आवश्यक दवाएं और देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।