स्वास्थ्य विभाग पर करीब 45 लाख का है कर्ज
बिजनौर। जिले के स्वास्थ्य महकमा बिजली निगम का लगभग 44 लाख 80 हजार 871 रुपये का कर्जदार है। पिछले दो साल से स्वास्थ्य विभाग ने विद्युत निगम को बिल के रूप में फूटी कौड़ी भी जमा नहीं की है। अफसरों की मानें तो बार-बार कोशिश के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अफसर इसे अनसुना कर देते हैं। सबसे अधिक किरतपुर अस्पताल पर 15 लाख 47 हजार 254 रुपये और सबसे कम धर्मनगरी पर एक लाख 66 हजार 261 रुपये का बिल बकाया है।
वर्ष 2018 में विद्युत निगम का दूसरा डिवीजन बना था। इससे पूर्व बिजनौर में एक ही डिवीजन था। अफसरों की मानें तो इसके बाद से बाकी तो करीब करीब सभी महकमों ने अपने विभागों का बिजली का बकाया बिल जमा कर दिया है, लेकिन बार बार लिखित रूप से अवगत कराने के बाद भी इसे संज्ञान में नहीं लाया गया। इस कारण स्वास्थ्य महकमे पर बकाया बिल बढ़ता ही गया और यह बढ़कर अब 44 लाख 80 हजार रुपये पर पहुंच गया है। इस बारे में विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता आरपी सिंह की ओर से सीएमओ विजय कुमार यादव को पत्र भेजा गया है।
आरपी सिंह के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र औरंगाबाद मंडावर पर दो लाख 88 हजार 672 रुपये, पीएचसी देवीदासवाला पर दो लाख 91 हजार 136 रुपये, शादीपुर पर दो लाख 80 हजार 349, एसएचसी केंद्र बिजनौर पर दो लाख दस हजार 498, तैमूरपुर दीपा पर तीन लाख 11 हजार 173, मोहम्मदपुर देवमल पर दो लाख 88 हजार 149, मंडावर अस्पताल पर दो लाख 91 हजार 777, धर्मनगरी पर एक लाख 66 हजार 261 रुपये, एसएचसी सुखानंदपुर पर तीन लाख 61 हजार 701 रुपये, एसएचसी मोहम्मदपुर देवमल पर तीन लाख 43 हजार 901 रुपये, एसएचसी किरतपुर 15 लाख 47 हजार 254 रुपये का बिजली का बिल बकाया है।
वर्र्जन...
सीएमओ डा. विजय कुमार यादव ने बताया कि बिल जमा करने के लिए उन्होंने शासन से 50 लाख रुपये की मांग की है। पिछले दिनों कोरोना के कारण बजट नहीं आ पाया था। इस वजह से अभी तक बिल का भुगतान नहीं हो पाया। बजट आने पर बिल का भुगतान कर दिया जाएगा।