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पहले भी हुए हैं जिले में पुलिस कर्मियों पर हमले

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पहले भी हुए हैं जिले में पुलिस कर्मियों पर हमले
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बिजनौर। नेशनल हाईवे पर दो बदमाशों ने ट्रेनी सिपाही पर हमला कर राइफल लूूट ली। जिससे अधिकारियों में हड़कंप मच गया, लेकिन पहले भी हमलों में खाकी का इकबाल गिरता रहा है। एक साल के भीतर ही आधा दर्जन से अधिक ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिनमें पुलिस पर हमला बोला गया और पुलिसकर्मी घायल हुए। हालांकि हमलावरों को जेल भेजा जाता रहा है।
केस नंबर एक : 10 अक्तूबर 2021 को किरतपुर के गांव चिड़िया चांडक में पुलिस वारंटी पिता पुत्र को पकड़ने के लिए पहुंची थी। इस दौरान पुलिस टीम पर हमला बोल दिया गया। जिसमें एसएसआई, दरोगा और एक सिपाही घायल हुआ था। इतना ही नहीं एसएसआई की वर्दी से स्टार भी नोच लिए गए थे।
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केस नंबर दो : 16 सितंबर 2021 को रेहरा गांव में वारंटियों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीम पहुंची थी। वारंटी हिस्ट्रीशीटर और उसके समर्थकों ने पुलिस पर पथराव किया। खैर किसी तरह पुलिस बैरंग लौट आई थी। इस हमले में सिपाही घायल हुआ। बाद में भारी पुलिस फोर्स ने दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
केस नंबर तीन : 13 सितंबर 2021 में धामपुर पुलिस क्षेत्र के गांव हकीमपुर नारायण उर्फ नंगला में नोटिस को तामील कराने पुलिस पहुंची। वहां आरोपियों ने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया। इस हमले में दरोगा और दो सिपाही घायल हो गए थे। पुलिस की गाड़ी का शीशा भी टूट गया था।
केस नंबर चार : 11 अगस्त 2021 को किरतपुर के गांव गंगावाला टांकली में दो पक्षों में मारपीट की सूचना पर पहुंची पुलिस पर एक पक्ष के लोगों ने हमला बोल दिया था। लाठी डंडों से पुलिस पर हमला बोला गया। जिसमें सिपाही राजकुमार सिपाही चोटिल हुआ।
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केस नंबर पांच : 26 फरवरी 2021 को कोतवाली देहात पुलिस चोरी के मामले में कस्बे में ही दबिश देने पहुंची थी। जिन्हें पूछताछ के लिए थाने लेकर आना था, उन्हीं लोगों ने पुलिस पर हमला बोल दिया। हमले में दरोगा का हाथ टूटा और दो सिपाही घायल हुए थे।
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