अथहर महमूद सिद्दीकी
कालागढ़ (बिजनौर)। कालागढ़ के जंगलों में सांपों की अद्भुत दुनिया है। कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों में दुर्लभ और किंग कोबरा जैसे विषधर सांप मौजूद हैं। सांपों के संरक्षण के लिए कार्बेट टाइगर रिजर्व अलग से सेंक्चुअरी बनाने पर विचार कर रहा है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व व कालागढ़ के वनों में आजकल अनेक प्रकार के सांपों के दर्शन हो रहे। विशालकाय अजगर, बर्मीज पाइथन, कोबरा, किंग कोबरा, फास्टन कैट स्नेक, वाइपर, करैत आदि का मिलना आम बात है। पद्म सांप, येलो हैडेड वाइपर, अंडाहारी जैसे सांप आम हो रहे हैं, जबकि अंडाहारी सांप तो लुप्त होने के कगार पर आ गया है। कार्बेट के वनों में सांप पेड़ों पर लटकते नजर आ रहे हैं। सांपों के संरक्षण के लिए कार्बेट पार्क प्रशासन अलग से योजना तैयार कर रहा है। कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक राहुल का कहना है कि वनों में वन्यजीवों के संरक्षण के लिए बाघ व हाथी परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। अब सांपों को लेकर भी एक अलग से सेंक्चुअरी बनाने पर विचार किया जा रहा है। इनके संरक्षण के लिए एक प्रस्ताव अधिकारियों को भेजा जा रहा है। (संवाद)
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एंटीवैनम किट उपलब्ध
कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक राहुल का कहना है कि वनों में सांप के डंसने के बाद उसके विष को निष्क्रिय करने के लिए वन विभाग के पास एंटीवैनम किट मौजूद है। यहां वनों में सांपों के रेस्क्यू के लिए कालागढ़ व रामनगर में अलग अलग त्वरित अनुक्रिया दल काम कर रहे हैं।
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सांपों से दूरी बनाना ही बेहतर
कालागढ़ के त्वरित अनुक्रिया दल के प्रभारी दीपक कुमार का कहना है कि वनों में व आबादी में सांप नजर आते हैं। सभी सांप विषधर नहीं होते हैं। फिर भी उनसे दूरी बनाए रखें। इनसे दूरी बनाए व इनके संरक्षण में योगदान दें।
कालागढ़ के वनों में विचरण के दौरान पेड़ पर विचरण करता लता सर्प।- फोटो : DHAMPUR
कालागढ़ के वनों में विचरण के दौरान कुंडली मारे बैठा कोबरा।- फोटो : DHAMPUR