जलीलपुर में गांव रायपुर खादर की ओर आते बैल गाड़ी पर गांव वासी
बिजनौर। पहाड़ों पर हो रही बारिश से गंगा में उफान बना हुआ था, मगर अब जलस्तर में गिरावट आने लगी है। ऐसे में अब खेती की जमीनों के कटान का खतरा बढ़ गया है, जिसे लेकर खादर के किसान चिंतित है। पहले ही हजारों बीघा जमीन का गंगा की धारा कटान कर चुकी है।
शनिवार की शाम चार बजे बिजनौर बैराज पर गंगा का वास्तविक जलस्तर 219.10 मीटर दर्ज किया गया हालांकि 220.19 मीटर नजर आ रहा है। वहीं बैराज से गंगा में 112216 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ। उधर शुक्रवार की सुबह बिजनौर बैराज पर गंगा का वास्तविक जलस्तर 219.40 मीटर दर्ज किया गया था। जबकि पानी 174409 क्यूसेक बह रहा था।
ऐसे में 32 घंटे में ही जलस्तर में तीस सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है। साथ ही पानी के बहने में 62 हजार क्यूसेक की कमी आ गई। अब जलस्तर में आ रही गिरावट के चलते खादर में खेती की जमीनों के कटान का खतरा बढ़ गया है।
इन गांव की जमीनों का हो रहा कटान : बालावाली से बिजनौर बैराज तक की दूरी में गंगा की धारा बालावाली, सीमली, मिर्जापुर, बादशाहपुर, डैबलगढ़, गौसपुर, लालपुर सोजीमल गांव की कृषि भूमि का कटान कर रही है। जबकि फतेहपुर गांव की आबादी की तरफ बढ़ रही है। बता दें कि पिछले दिनों गंगा की धारा ने जम्मूतवी कोलकाता रेल ट्रैक की तरफ भी रुख कर लिया था। ऐसे में बालावाली रेलवे स्टेशन के पास रेलवे की ओर से ट्रैक को कटान से बचाने के लिए जद्दोजहद अब तक जारी है।