शेरकोट। शेरकोट रियासत के नवाब व जाने माने निशानेबाज आसिफ विकार (80) का लंबी बीमारी के चलते सोमवार को निधन हो गया। दीवानखाने में उनके शव को अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया, जहां दिनभर दुख जताने वालों का तांता लगा रहा। विकारुल्लाह उर्फ दूल्हा मियां के पुत्र आसिफ विकार का जन्म सितंबर 1939 को शेरकोट में हुआ था। सोमवार 28 जनवरी 2019 को सुबह 3: 35 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली।
सोमवार को मौत की सूचना मिलते ही कानपुर और दिल्ली से परिवार के सदस्य शेरकोट पहुंचे। यूपी अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व चेयरमैन शेख सुलेमान, पूर्व पालिकाध्यक्ष शेख कमरुल इस्लाम, पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी, स्योहारा रियासत के कुंवर राणा प्रताप, बिजनौर के जफर सुल्तान, सरदार राजवीर उर्फ राजू जिला पंचायत सदस्य, स्योहारा पालिकाध्यक्ष अख्तर जलील, धामपुर आफताब एडवोकेट आदि ने घर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी। जनाजे की नमाज शहर इमाम मौलाना रफीक अहमद कासमी ने अदा कराई। बड़ी संख्या में लोग जनाजे को लेकर रियासत से उनके पैतृक बाग तैय्यबसराय में पहुंचा, जहां उनको दफना किया गया। इस मौके पर मौलाना अब्दुल्लाह, मौलाना अता उर रहमान, शरदचंद्र शर्मा, जितेंद्र गहलोत, काजी शमीम, मास्टर विसाल, अब्दुल बासित, मौलाना अकबर आदि मौजूद रहे।
पालिका में श्रद्धांजलि सभा के बाद अवकाश
नवाब आसिफ विकार के निधन की सूचना पाते ही चेयरपर्सन शबनम नाज ने पालिका में शोकसभा कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। बाद में पालिका कार्यालय में अवकाश कर दिया गया।
एक वर्ष से थे बीमार
परिजनों ने बताया कि नवाब आसिफ विकार पिछले एक साल से बीमार थे। उनका इलाज दिल्ली के अपोलो, सरगंगाराम हॉस्पिटल एवं वर्तमान में मुरादाबाद के कई अस्पतालों में चला।
वन एवं वन्य जीवों के लिए रहे समर्पित
बताया गया कि कार्बेट नेशनल पार्क, राजाजी नेशनल पार्क में उनके जीवन का एक बड़ा समय बीता। पूर्व प्रमुख वन संरक्षक श्रीकांत चन्दोला, नरेंद्र सिंह, वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन सोसाइटी ऑफ इंडिया के अधिकारी टीटो जॉसेफ, उत्तराखंड प्रभारी राजेंद्र अग्रवाल आदि ने उनके निधन को वन्य जीवों के संरक्षण के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया। वह अपना अधिकतर समय वनों में गुजारते थेे।
निशानेबाजी में थे विख्यात
बताया गया कि नवाब आसिफ विकार को निशानेबाजी के लिए राज्य स्तर पर स्वर्ण पदक हासिल हुआ था। वह जिला बिजनौर के शूटिंग क्लब के मेंबर भी रहे।
नगर के विकास के लिए समर्पित
बताया गया कि नवाब आसिफ विकार के पालिका में कार्यरत के दौरान नगर में सड़कों का जाल बिछा। ब्रुश व्यवसाय को एक नई दिशा मिली। शेरकोट ने विकास के मार्ग पर आगे बढ़कर शहर को एक नई पहचान दी।
राजनीतिक जीवन
नवाब आसिफ विकार का जन्म शेरकोट में सितंबर 1939 विकारूउल्लाह उर्फ दूल्हा मियां के यहां हुआ। अपने 80 साल के सफर में वह दो बार पालिका के अध्यक्ष बने ।कांग्रेस पार्टी से जुड़े रहे। इनके निवास पर राजनेता रामविलास पासवान, मीरा कुमार पूर्व लोकसभा अध्यक्ष, चौधरी गिरधारी सिंह के कार्यालय संचालित रहे, जिनका संचालन नवाब आसिफ विकार ने ही किया।