बिजनौर में गंगा में डॉल्फिन का कुनबा लगातार बढ़ रहा है। रविवार को करीब 45 किलोमीटर धारा में चलाए गए सर्च अभियान में टीम को तीन और डॉल्फिन दिखाई पड़ी है। डॉल्फिन की संख्या अब बढ़कर 16 हो गई हैं। इनके अलावा 15 घड़ियाल भी टीम को नजर आई है। गंगा में डॉल्फिन के साथ-साथ घड़ियाल भी दिखाई देने को टीम वाले अच्छा संकेत मान रहे हैं।
डब्ल्यूडब्ल्यूएफ(वर्ल्ड वाइल्ड फंड) व उत्तर प्रदेश वन विभाग द्वारा पिछले साल गंगा में बालवाली घाट से नरौरा बैराज तक डॉल्फिन की संख्या जानने के लिए चलाए गए अभियान में 22 डॉल्फिन दिखी थीं। 225 किलोमीटर लंबी गंगा की धारा में यह डॉल्फिन दिखाई दी थीं। इस साल चल रहे अभियान में शुरू के दो दिन में 100 किलोमीटर गंगा की धारा में टीम को 13 डॉल्फिन दिखाई दी थीं। इनमे से दस डॉल्फिन बिजनौर क्षेत्र में दिखीं थीं। रविवार को करीब 45 किलोमीटर धारा में चलाए गए अभियान में टीम को तीन डॉल्फिन और दिखीं। अब तक 145 किलोमीटर की धारा में टीम को 16 डॉल्फिन दिखाई दे चुकी हैं। आगे करीब 80 किलोमीटर की धारा में और डॉल्फिन दिखने का अनुमान है। खास बात यह है कि इस बार गंगा की धारा में 15 घड़ियाल भी टीम को दिखे हैं। पिछले साल टीम को कम घड़ियाल दिखे थे। डॉल्फिन और घड़ियाल दोनों की ही संख्या गंगा में बढ़ रही है। टीम का मानना है कि प्रदूषण कम होने से डॉल्फिन, घड़ियाल की संख्या बढ़ रही है।
घड़ियाल दिखने से टीम उत्साहित :खान
डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सीनियर प्रोजेक्ट ऑफिसर मोहम्मद शाहनवाज खान के मुताबिक डॉल्फिन और घड़ियाल दोनों ही गंगा की धारा में दिखाई दे रहे हैं। टीम सर्च अभियान के नतीजों से उत्साहित है।