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Bijnor News: गन्ने की मिठास से जेब के साथ महकेगी किसानों की जिंदगी

Fri, 12 Sep 2025 01:08 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
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बिजनौर। गन्ना फसल की पुरानी प्रजातियाें में रोगों का प्रकोप अधिक होने लगा है। गन्ना उत्पादकता कम और लागत ज्यादा आने से किसानों की आय सिकुड़ गई। ऐसे में नवीन गन्ना प्रजातियां किसानों को आर्थिक गर्त से उभारेंगी। वैज्ञानिकों ने किसानों को नई गन्ना प्रजातियों के चयन की सलाह दी है।
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कृषि विज्ञान केंद्र नगीना (बिजनौर) के वैज्ञानिक डाॅ. केके सिंह ने किसानों को शरदकालीन गन्ना बुआई में उन्नत प्रजाति के बीच चयन की सलाह दी।
उनका कहना है कि कोशा 19231 अगेती और उच्च उपज वाली प्रजाति है, जो लाल सड़न रोग के प्रति मध्यम प्रतिरोधी है। इसका उत्पादन 92.05 टन प्रति हेक्टेयर है। इसमें रस में शर्करा 17.85 प्रतिशत, गन्ने में शर्करा 13.20 प्रतिशत पाई जाती है। यह किस्म मध्यम मोटी, ठोस और लंबी पोरी वाली होती है। बताया कि को लख-16202 अगेती प्रजाति है। इस गन्ने की सूखी पत्तियां आसानी से उतर जाती हैं। उपज औसत 932.00 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। को शा 18231 गन्ने का तना मध्य मोटा। इसकी औसत उपज 830.00 क्विंटल हेक्टेयर, शर्करा नवम्बर व जनवरी में क्रमश 16:31 व 18.06 प्रतिशत है।
लाल सड़न रोग के नवीन प्रभेद सीएफ 13 के प्रति मध्यम रोगरोधी। इसके अलावा वैज्ञानिक डॉ. केके सिंह ने कहा कि को शा 17231, को 15023, को लख 14201, कोशा 13235 अगेती प्रजातियां हैं। इन उन्नत अगेती प्रजातियों की भी औसत उपज बहुत अच्छी है। पेराई सत्र के प्रारंभ में इन प्रजातियों में गन्ना परता यानी रिकवरी अच्छी रहती है। संवाद
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