बिजनौर। नवजात को बोतल से दूध पिलाया जाता है। लेकिन, लंबे समय तक बोतल से दूध पिलाना उनकी सेहत के लिए ठीक नहीं है। लगातार बोतल से दूध पीने से बच्चों के दांतों का आकार बिगड़ रहा है। वहीं, कैल्शियम की कमी से दांत किर-किर कर गिर रहे हैं।
मेडिकल अस्पताल के दंत रोग विभाग की ओपीडी में रोजाना पांच बच्चे ऐसे हैं। जिनके दांत किर-किर कर गिर रहे हैं। साथ ही कुछ बच्चों के लिए दांत तिरक्षे निकल रहे हैं। चिकित्सको का कहना है कि सोते समय बोतल से दूध पिलाने से लार का उत्पादन कम हो जाता है। जबकि, बोतल में मौजूद शर्करा दांतों से लंबे समय तक संपर्क में रहती है। इस वजह से दांतों में कैविटी पनपने लगती है। बोतल में मौजूद शर्करा बैक्टीरिया को पनपने का मौका देती है। जिससे एसिड बनकर दांतों के इनेमल को नुकसान पहुंचाता है। इससे दांत खराब हो सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि बच्चों के दांतों का ख्याल रखें। ताकि, आगे चलकर परेशानी न हो।
दांतों का ऐसे रखें ख्याल
-बच्चों को प्रोटीन, कैल्शियम युक्त भोजन खिलाएं
-फलों का सेवन कराएं
-सोते समय बोतल से दूध नहीं पिलाएं
-शाम के बाद कोई मिठी चीज न खिलाएं
-सोने से पहले बच्चे के दांतों को साफ करें
-कप या गिलाश से दूध पिलाएं
जो लोग लंबे समय तक बच्चों को बोतल से दूध पिलाते हैं। उनके दांतों में कैविटी लग जाती है। जिससे कम उम्र में ही दांत खराब हो रहे हैं। दांतों में समस्या दिखाई देने तुरंत चिकित्सक को दिखाएं। बच्चों को फल खिलाएं। ताकि, दांत मजबूत हो जाएं।
डॉ. शिरीन वशिष्ठ, दंत रोग विशेषज्ञ, मेडिकल अस्पताल, बिजनौर