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बिजनौर जिले में बढ़ाया जाएगा जैविक खेती का दायरा

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बिजनौर जिले में बढ़ाया जाएगा जैविक खेती का दायरा
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बिजनौर। जिले में जैविक खेती के दायरे को और बढ़ाया जा रहा है। गंगा की धारा के पांच किलोमीटर के दायरे में अब तक जैविक खेती होती थी, इसे अब बढ़ाकर सात किलोमीटर किया जा रहा है। इससे करीब डेढ़ हजार हेक्टेयर का और रकबा नमामि गंगे अभियान के तहत जैविक खेती में शामिल हो जाएगा। किसानों को जैविक फसलों के अच्छे दाम दिलाए जाएंगे।
जिले में जैविक खेती परवान चढ़ रही है। नमामि गंगे अभियान के तहत गंगा किनारे जैविक खेती कराई जा रही है। पहले गंगा किनारे के खेतों को ही जैविक खेती से जोड़ा गया था, लेकिन बाद में गंगा की धारा के पास पांच किलोमीटर तक के क्षेत्र में जैविक खेती शुरू कराई गई। अब इस दायरे को और बढ़ाया जा रहा है। गंगा किनारे के अब सात किलोमीटर के दायरे में जैविक खेती शुरू कराई जाएगी। जैविक खेती के दायरे को और दो किलोमीटर बढ़ाया जा रहा है। शासन की मंशा है गंगा किनारे खेतों में रासायनिक उर्वरक न डाले जाएं। ये उर्वरक किसी न किसी रूप में गंगा में जरूर जाएंगे। गंगा की धारा को निर्मल करने के लिए रासायनिक उर्वरकों को गंगा की धारा में जाने से रोकना होगा। दो किलोमीटर और क्षेत्र जैविक खेती के लिए चिह्नित करने लिए सर्वे कराया जाएगा।
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लागत कम आमदनी ज्यादा
गंगा किनारे जैविक खेती पहले से ही 46 गांवों में चल रही है। इन गांवों के किसानों के जैविक उत्पाद या तो कंपनी खरीद रही हैं या फिर स्थानीय स्तर पर ही महंगे बिक रहे हैं। यानि लागत आती नहीं है और किसानों की आमदनी ज्यादा हो रही है। इससे किसान भी जैविक खेती के प्रति जागरूक हो रहे हैं। गांव सबलगढ़, तैय्यबपुर गौरवा, रफीउलनगर उर्फ रावली, दयालवाला, खलीउल्लापुर, बादशाहपुर, जहानाबाद, टीप, खेड़की हेमराज, कुंदनपुर, मोहिउद्दीनपुर, सैफपुर खादर, तैय्यबपुर काजी, कुंवर चतरभोजपुर, दारानगर, निजामतपुरा, रसूलपुर पित्तनका, सलेमपुर मथना, बसंतपुर, सुजातपुर खादर, दत्तियाना आदि में जैविक खेती हो रही है।
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बढ़ाया जा रहा दायरा : कृषि अधिकारी
जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्रा के अनुसार गंगा किनारे जैविक खेती के दायरे को पांच किलोमीटर से बढ़ाकर सात किलोमीटर किया जा रहा है। जैविक खेती करने वाले किसानों को फायदा हो रहा है। बाकी किसान भी जैविक खेती कर रहे हैं और आमदनी बढ़ा रहे हैं।
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