किसानों का बलिदान व्यर्थ नहीं होगा
नजीबाबाद। दिल्ली आंदोलन के प्रति सरकार की उदासीनता पर आजाद किसान यूनियन ने रोष जताया। तहसील में धरना प्रदर्शन के साथ राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। कहा गया कि आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।
आजाद किसान यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी वीरेंद्र सिंह, राष्ट्रीय संयोजक एमपी सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी राजेंद्र सिंह, युवा जिलाध्यक्ष सरदार गुरजीत सिंह रंधावा, नगीना तहसील अध्यक्ष राहुल पंडित के नेतृत्व में किसानों ने तहसील में धरना दिया। चौधरी वीरेंद्र और एमपी सिंह ने कृषि कानून को किसान विरोधी और पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने वाला कानून बताते हुए सरकार से कानून वापस लेने की मांग की।
राहुल पंडित के संचालन में आयोजित बैठक में युवा जिलाध्यक्ष गुरजीत सिंह रंधावा ने किसान आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों का बलिदान व्यर्थ न जाने का दावा किया। उन्होंने कहा कि कृषि कानून वापस होने तक किसानों का संघर्ष और बलिदान जारी रहेगा। राष्ट्रपति संबोधित ज्ञापन किसानों ने उपजिलाधिकारी बृजेश कुमार सिंह को सौंपा। किसानों ने शहीद किसानों को मौन श्रद्धांजलि दी। धरना प्रदर्शन में महेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह, संजीव राठी, सूरज त्यागी, मो.हनीफ, गफ्फार अहमद, हरदीप सिंह, विजय पाल, सोमवीर, जसपाल सिंह, लखा सिंह, संजीव कश्यप सहित अनेक किसान शामिल हुए।
उधर भाकियू भानू के जिला उपाध्यक्ष चौ.अनिल कुमार, ब्लॉक अध्यक्ष बाबूराम भारती, लोकेंद्र ठाकुर, दुष्यंत ठाकुर, कपिल, रामपाल, दीपक, अंकित, चंद्रपाल, केपी शर्मा, सुखविंदर सिंह के नेतृत्व में किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने उपजिलाधिकारी कार्यालय को ज्ञापन सौंपकर किसान आंदोलन में शहीद हुए किसानों को मुआवजा देने, किसान-मजदूरों को 10 हजार रुपये मासिक पेंशन दिए जाने तथा गन्ने का मूल्य पांच सौ रुपये प्रति क्विंटल घोषित करने की मांग की।