हीमपुरदीपा क्षेत्र की ग्राम पंचायत गांगू नंगला में सिसौना मार्ग पर सूना पड़ा कूड़ाघर। संवाद
- फोटो : प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष रामनिवास यादव प्रभारी डीएम सीडीओ शत्रोहन वैश्य को सौंपा ज्ञापन। स्रोत स्वयं
हीमपुर दीपा। प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायतों में सफाई व्यवस्था सुदृढ़ कराने और आमदनी का जरिया बनाने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये खर्च करके ग्राम पंचायतों में कूड़ाघरों (एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र) का निर्माण कराया था, लेकिन अधिकांश ग्राम पंचायतों में इनका कोई उपयोग नहीं हो रहा। कुछ ग्राम पंचायतों में तो इन पर ताले लगे हुए हैं। आलम यह है कि एक भी दिन कूड़ा इन केंद्रों तक नहीं पहुंचा। गांवों की सड़कें गंदगी से बजबजा रही हैं लेकिन कूड़ाघर साफ-सुथरे पड़े हुए हैं।
विकास खंड हल्दौर की ग्राम पंचायत गांगू नंगला में गांव से पूर्व दिशा में सिसौना मार्ग पर काफी समय पूर्व एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र (कूड़ाघर) का निर्माण हुआ था। यहां निर्मित गड्ढों में कूड़ा डाला जाना था। यहां सूखे और गीले कूड़े को अलग किया जाना था और रिसाइकल से होने वाले अपशिष्ट को एकत्रित करके बेचने की योजना थी। साथ ही बचे हुए कूड़े से बनने वाली खाद को भी बेचा जाना था। ग्राम पंचायत को इससे आमदनी होती लेकिन यहां स्थिति इसके उलट है। ग्रामीण कूड़ाघर में कूड़ा न डालकर, इधर-उधर सड़कों पर फेंक रहे हैं। कूड़ाघर खाली पड़ा हुआ है, जबकि इधर-उधर कूड़े के ढेर दिखाई दे रहे हैं। कूड़े के ढेरों से बदबू उत्पन्न हो रही है, जिससे संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ गया है।
पूर्व प्रधान मेराज अहमद का कहना है कि ग्राम पंचायत में लाखों रुपये खर्च करके ग्रामीणों की सुविधा के लिए कूड़ाघर बनवाया गया था तो उसका उपयोग भी होना चाहिए था। प्रशासन को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
गांव निवासी मेहर इलाही बताते हैं कि कूड़ा घर में कूड़ा एकत्रित न होने से ग्राम पंचायत को आमदनी से वंचित होना पड़ रहा है। आसपास अथवा सड़कों पर कूड़ा फैलने से बीमारी का खतरा बढ़ गया है। कूड़ा निस्तारण केंद्र का ग्रामीणों को कोई लाभ नहीं मिल रहा।
ग्रामीण जरीनुद्दीन कहते हैं कि यदि ग्राम पंचायत का कूड़ा व्यवस्थित तरीके से कूड़ाघर में डाला जाए तो इधर-उधर कूड़े से गंदगी भी नहीं होगी तथा योजना भी कारगर होगी। जिला प्रशासन को इस ओर कदम उठाना चाहिए।
विकास खंड हल्दौर के एडीओ पंचायत सुशील कुमार ने बताया कि वास्तव में कूड़ाघर में कूड़े को ठीक तरह से प्रबंधन करने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की है। यदि ऐसा नहीं हो रहा है तो जांच उपरांत समस्या का निस्तारण कराकर व्यवस्था को सुचारू किया जाएगा।