रात में फाइनल हुआ जिला पंचायत का परिणाम
बिजनौर। जिला पंचायत सदस्य पद का परिणाम सोमवार देर रात फाइनल हुआ। परिणाम में देरी के कारण 56 सीटों पर चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों में बेचैनी बढ़ी रही। प्रत्याशियों के समर्थक भी रात तक जिला मुख्यालय पर डटे रहे।
मोहम्मदपुर देवमल ब्लॉक वार्ड 19 से मीनू, वार्ड 20 से रूपा, वार्ड 21 से चरणजीत कौर, वार्ड 22 से इंतखाब, वार्ड 23 से संयोगिता, नजीबाबाद ब्लॉक के वार्ड आठ से मोहम्मद इफ्तखार, वार्ड नौ से निगम कुमारी, वार्ड 10 से मोहम्मद यूनुस, वार्ड 11 से नीलम उर्फ खुशबू, वार्ड 12 से अमर सिंह, वार्ड 13 से मोहम्मद रफी, वार्ड 14 से प्रशांत कुमार, कोतवाली ब्लॉक वार्ड एक से नियाजुल हसन, वार्ड दो से रीता, वार्ड तीन से नाजिया, वार्ड चार से शाहजहां, वार्ड पांच से अहमद, वार्ड छह से पूनम रानी, वार्ड सात से शकुंतला देवी, धामपुर ब्लॉक वार्ड 43 से निजामुद्दीन, वार्ड 44 से महक, वार्ड 45 से पिंकी देवी, वार्ड 46 से शशिबाला, वार्ड 47 से विवेक कुमार ने जीत हासिल की।
नहटौर ब्लॉक वार्ड 39 से मोहम्मद रिजवान, वार्ड 40 से मुकेश कुमार, वार्ड 41 से रफत हुसैन, वार्ड 42 से अभिजीत सिंह, अफजलगढ़ ब्लॉक वार्ड 52 से दलीप सिंह, वार्ड 53 से नाजिश, वार्ड 54 से कपिल कुमार, वार्ड 55 से शोभा देवी, वार्ड 56 से प्रतिभा, जलीलपुर ब्लॉक वार्ड 28 से सलीम, वार्ड 29 से मोनिका, वार्ड 30 से सरिता देवी, वार्ड 31 से नसरीन, वार्ड 32 से मुकेश देवी को विजयी घोषित किया गया।
नाजिश सबसे अधिक, नियाजुल हसन सबसे कम वोट से जीते
जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में कुछ जगह कांटे के मुकाबले रहे। अफजलगढ़ ब्लॉक के वार्ड 53 से नाजिश सबसे अधिक 6014 वोट से जीते। नाजिश को 11304 तथा उनके प्रतिद्वंद्वी रेखा को 5290 वोट मिले। साथ ही कोतवाली ब्लॉक के वार्ड एक से नियाजुल हसन सबसे कम मात्र 14 वोट से जीते हैं। नियाजुल हसन को 5591 तथा प्रतिद्वंद्वी रजा अली परवेज को 5577 वोट मिले।
अलका ने पुरुष प्रतिद्वंद्वी को हराया
हल्दौर ब्लॉक की पंचायत धनौरी की प्रधान पद की सीट अनारक्षित थी। अलका रानी ने हिम्मत दिखाकर पुरुष प्रतिद्वंद्वी के सामने चुनाव लड़ा। इसका उन्हें लाभ मिला। महिलाओं का झुकाव अलका की ओर हो गया। अलका 400 से अधिक वोट से जीती हैं। अलका रानी ने बताया कि उनका राजनीतिक पृष्ठभूमि का परिवार है। ससुर चौधरी नंदकिशोर पुराने कांग्रेस के पदाधिकारी हैं। जेठ चौधरी हरवीर सिंह हल्दौर ब्लॉक प्रमुख रह चुके हैं। पति चौधरी रविकुमार भी राजनीति में है। सभी का सहयोग उन्हें मिला है। बताया कि शिक्षा विकास का आधार है। बेटी दो परिवारों को जोड़ती है। इसलिए उनका बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा। महिलाओं के हक के लिए लडे़ंगी। कुछ नया कर दिखाने की चाह है।