बरकातपुर शुगर मिल के टैंक की जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत के मामले में हंगामा
बिजनौर। बरकातपुर चीनी मिल में तीन कर्मचारियों की मौत पर दिन भर हंगामा चला। गुस्साए परिवार वालों ने सड़क पर जाम लगाने का भी प्रयास किया। चीनी मिल अधिकारियों ने मृतकों के परिवार को 12-12 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को नौकरी का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी हुए।
शुक्रवार को करीब 12 बजे तीनों कर्मचारियों के शव मोर्चरी पहुंच गए थे। मगर परिजनों ने चीनी मिल पर लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों का आरोप था कि जिस टैंक में कर्मचारियों को उतारा गया था, इसके आस पास भी सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे।
परिवार वालों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें सूचना देने में भी देरी की गई है। दोपहर में करीब तीन बजे गुस्साए परिवार वालों ने सड़क पर जाम लगाने का भी प्रयास किया मगर पुलिस ने समझा बुझाकर शांत कर दिया। उधर चीनी मिल के अधिकारियों और मृतकों के परिवार वालों में समझौता वार्ता हुई। पहले चीनी मिल की ओर से पांच पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया मगर इस पर परिजन राजी नहीं हुए। बाद में 12-12 लाख की सहायता और मृतकों के परिवार में एक एक नौकरी चीनी मिल में देने पर परिजन राजी हुए। इसके बाद ही शवों का पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई चालू हो सकी। वार्ता के दौरान राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार उर्फ बिट्टू, भाजपा नेता ऐश्वर्य मौसम चौधरी आदि मौजूद रहे।