नजीबाबाद- गुनियापुर प्राथमिक विद्यालय परिसर में भरा बारिश का पानी। संवाद
बिजनौर। आषाढ़ माह चल रहा है और बादल सावन जैसे बरस रहे हैं। जिले में पिछले 48 घंटे में ही जिले में 266 मिमी बारिश दर्ज हुई। इसमें बृहस्पतिवार को ही 175.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। बारिश से जिले में कई संपर्क मार्ग कट गए, वहीं गांवों में तालाब उफन गए, जिससे सड़कों पर पानी भर गया। शहरों में निचले इलाकों में जलभराव से लोग परेशान नजर आए।
बुधवार शाम शुरू हुई बारिश बृहस्पतिवार को भी होती रही। लगातार वर्षा के चलते अधिकतम तापमान गिरकर 28 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 21.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में आई गिरावट से मौसम सुहावना हो गया और लोगों ने राहत महसूस की। बारिश के चलते शहर की आवास विकास कॉलोनी, नई बस्ती समेत कई मोहल्लों और निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई। कई सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ, जबकि राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। नगीना स्थित कृषि वेधशाला प्रेक्षक सतीश कुमार ने बताया कि आगामी दो दिनों तक जिले में भारी बारिश की संभावना है। इससे तापमान में और गिरावट होने की उम्मीद है।
नदियों में आया उफान : बिजनौर बैराज पर 218.8 मीटर जलस्तर बना हुआ है। जबकि, 80 हजार क्यूसेक पानी बिजनौर बैराज से बहते हुए आगे बढ़ रहा है। अगर, बारिश हुई तो जलस्तर बढ़ने की संभावना है।
गंगा में उफान, बालावाली में रेलवे ट्रैक बचाने की जद्दोजहद : चंदक में गंगा में लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच बालावाली में रेलवे ट्रैक को सुरक्षित रखने के लिए रेलवे प्रशासन युद्धस्तर पर बाढ़ निरोधी कार्य में जुटा है। बृहस्पतिवार को रेल पुल के नीचे तटबंध के पास पानी के दबाव को रोकने के लिए कर्मचारियों ने कट्टों में मिट्टी भरकर लगाए और पानी का बहाव दूसरी ओर मोड़ने का प्रयास किया। रेलवे की टीम पूरे क्षेत्र पर लगातार नजर बनाए हुए है।
नजीबाबाद- गुनियापुर प्राथमिक विद्यालय परिसर में भरा बारिश का पानी। संवाद
नजीबाबाद- गुनियापुर प्राथमिक विद्यालय परिसर में भरा बारिश का पानी। संवाद