- वन विभाग का पशुगणना सर्वे 2025, तीन साल में राष्ट्रीय पक्षी मोर की संख्या भी बढ़ी
एजाज अहमद
नजीबाबाद। वन विभाग ने वर्ष 2025 की पशुगणना का सर्वे पूरा कर लिया। तीन साल बाद हुई पशुगणना में गुलदारों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, जबकि चीतल, बारहसिंगा, सांभर सहित अनेक पशुओं की संख्या घटी है।
बिजनौर वन प्रभाग नजीबाबाद प्रत्येक तीन वर्ष बाद पशु गणना करता है। वर्ष 2025 के पशुगणना सर्वे में गुलदार, लंगूर, बंदर, सेही सहित कई पशुओं की संख्या में वृद्धि हुई है, जबकि इन जानवरों की संख्या वर्ष 2022 के सर्वे में कम थी। बिजनौर वन विभाग नजीबाबाद के अंतर्गत कौड़िया, साहनपुर, राजगढ़, साहूवाला, बढ़ापुर वन रेंज आते हैं। वर्ष 2025 की पशुगणना में मनुष्य के लिए जानलेवा बने गुलदारों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। वर्तमान में 73 नर, 47 मादा, 37 बच्चों सहित कुल 157 गुलदार चिह्नित किए गए हैं। तीन साल पहले गुलदारों की संख्या 105 थी। बंदरों की संख्या करीब पांच गुना बढ़ गई है। वर्तमान में 2303 बंदर चिह्नित किए गए हैं, जबकि पूर्व में 426 बंदर चिह्नित किए गए थे। लंगूरों की संख्या में मामूली वृद्धि हुई है, वर्तमान में 1210 लंगूर की चिह्नित किए गए हैं।
जिन जानवरों की संख्या घटी है उनमें बारहसिंगा प्रमुख हैं। पिछली गणना में 63 बारहसिंगा चिह्नित किए गए थे। वर्तमान में इनकी संख्या मात्र 40 है। वर्तमान में पांच भालू सर्वे में देखे गए हैं जबकि पिछले सर्वे में भालुओं की संख्या सात थी।
- सर्वे में मिले 47 काला हिरन
वन विभाग की पशु गणना सर्वे में 47 काला हिरण मिले हैं, इनमें 19 नर, 15 मादा और 13 बच्चे हैं। शूकर, हिरन और पाड़ा 54 देखे गए हैं। वर्ष 2022 की पशुगणना में काला हिरन और शूकर हिरन की संख्या शून्य थी। पिछले सर्वे में शून्य संख्या वाले जानवरों में बिज्जू 53, लकड़बग्घा एक, घड़ियाल 24, मगर 10 चिह्नित किए गए हैं।
- राष्ट्रीय पक्षी मोर की संख्या बढ़ी
वन विभाग के सर्वे में राष्ट्रीय पक्षी मोर की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। सर्वे में 825 मोर चिह्नित किए गए हैं, इनमें 379 नर, 396 मादा और 49 बच्चे शामिल हैं। जबकि तीन वर्ष पूर्व हुई गणना में 635 मोर चिह्नित किए गए थे।
- भेड़िया और गैंडा लुप्त
गुलदार का मुख्य भोजन भेड़िया वर्तमान और पिछली गणना में शून्य मिला है। लोमड़ी की संख्या भी 225 से घटकर आठ रह गई है। दोनों सर्वे में गैंडा भी आंकड़ों में ओझल रहे।