हाफिजाबाद में सचिन के शव पर विलाप करते परिजन।
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शेरकोट में नूरपुर से भाजपा के विधायक लोकेंद्र चौहान के साथ सीतापुर में हुए सड़क हादसे में मरा सचिन माता-पिता का इकलौता बेटा था। बृहस्पतिवार को गांव में उसका शव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। सचिन लोकेंद्र चौहान की कार चला रहा था।
शेरकोट थाने के गांव हाफिजाबाद निवासी मेघराज सिंह का 22 वर्षीय पुत्र सचिन विधायक लोकेंद्र सिंह चौहान के यहां रहकर पिछले तीन वर्षों से चालक का कार्य कर रहा था।
बुधवार सुबह सीतापुर के निकट ट्रक और कार की टक्कर में लोकेंद्र सिंह चौहान, दो सुरक्षाकर्मी, एक निजी सचिव की मौत हो गई थी। जबकि ड्राइवर सचिन गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे उपचार के लिए चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। परंतु उपचार के दौरान चालक सचिन की भी मौत हो गई थी। सचिन अपने माता पिता का इकलौता पुत्र था।
दो बड़ी बहन हैं। जिनकी शादी हो चुकी है। अकेले पुत्र की मृत्यु हो जाने से गांव में मातम छाया हुआ है। सचिन बीएससी पास था और बहुत ही व्यवहार कुशल युवक था। परिजनों ने बताया कि उसका शव बुधवार रात 11 बजे घर आ गया था। बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
निजी सचिव तरुण चौहान का बिजनौर में गंगा बैराज पर हुआ अंतिम संस्कार
धामपुर में गांव सरकड़ा निवासी एवं दिवंगत विधायक लोकेंद्र चौहान के निजी सचिव रहे तरुण चौहान ( 22 ) का शव बुधवार देर रात गांव में पहुंच गया था। तरुण की मां व बहनों का रोते बुरा हाल हो रहा था। बृहस्पतिवार को तरुण चौहान की गांव में शव यात्रा निकाली गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। सवेरे 10.30 बजे के करीब परिजन ग्रामीणों के साथ शव को अंतिम संस्कार करने को बिजनौर गंगा बैराज पर ले गए। करीब एक बजे तरुण के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार कर दिया। चिता में मुखाग्नि मृतक के छोटे भाई मनु ने दी। मृतक तरुण चौहान चार भाई बहनों में तीसरे नंबर का था। तरुण का छोटा भाई मनु इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। गौरतलब है कि तरुण चौहान की बुधवार सवेरे नूरपुर विधान सभा क्षेत्र के दिवंगत भाजपा विधायक लोकेंद्र चौहान के साथ सीतापुर में कार ट्रक की टक्कर में मौत हो गई थी। दिवंगत तरुण चौहान दिवंगत विधायक का निजी सचिव था। इस हादसे में दिवंगत विधायक सहित कार में सवार पांच लोगों की मौत हो गई थी। जिनमें दो दिवंगत विधायक के दो सुरक्षा कर्मी , कार चालक शामिल थे।