बिजनौर। एक ओर जनता नगीना रोड पर गड्ढों में हिचकोले खा रही है, वहीं दूसरी ओर अफसरों के घरों के सामने तक जाने वाली सड़क पर डामर पड़ गया। इस हालात पर नेता से लेकर आम आदमी तक हैरान है। नेताओं ने इस मुद्दे पर पहले अफसरों से और फिर लखनऊ मुद्दा उठाने की बात कही।
पिछले कई साल से बिजनौर से वीकेआईटी तक की सड़क बदहाल है। शुरुआत में यह सड़क एनएचएआई के अंतर्गत थी, लेकिन जब पानीपत खटीमा मार्ग बाइपास से होकर बना तो एक हिस्सा लावारिस छोड़ दिया गया। बिजनौर से लेकर वीकेआईटी कॉलेज बाइपास के पास तक की सड़क में गहरे गड्ढे बनने लगे। कुछ समय पहले गढ़ी के लोगों ने विरोध किया तो वहां रेट, मिट्टी डाकर अस्थाई रूप से गड्ढे भर दिए गए, लेकिन रजवाहे से आगे के हिस्से में आज भी सैकड़ों गहरे गड्ढे बने हुए हैं। पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई के बीच अभी तक इसे बनाने पर ही स्थिति साफ नहीं हो पाई है।
दूसरा दृश्य जिला मुख्यालय का देखने को मिला। यहां पर ऑफिसर कॉलोनी, पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में डामर डालकर सड़क बनाई गई। सवाल यही उठ रहा है कि आम आदमी भले ही गड्ढों में चले, लेकिन अधिकारियों की सड़क सही रहनी चाहिए।
अफसरों से बात करेंगे, सड़क ठीक होगी: भारतेंद्र सिंह
पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह ने कहा कि यह हैरत की बात है। नगीना रोड का बुरा हाल है, इस पर अफसरों से बात की जाएगी। यदि इस ओर फिर भी ध्यान नहीं दिया गया तो लखनऊ तक इस समस्या को उठाया जाएगा।
नेता और अफसर इस पर सोचें: ऐश्वर्य चौधरी
ऐश्वर्य मौसम चौधरी ने कहा कि अफसर जनता के नौकर हैं। नेता जनता के सेवक हैं। दोनों को इस ओर सोचने की जरूर है। नगीना रोड पर अफसरों को ध्यान देना चाहिए। जनता इस सड़क से परेशान है।
बीमार लोग सबसे ज्यादा परेशान: अनुज मलिक
सपा नेता अनुज मलिक ने कहा कि नगीना रोड का बुरा हाल है। ऐसे में अफसरों की नई सड़क आम आदमी को चिढ़ा रही है। बीमार आदमी इस सड़क पर गाड़ी जाता है तो और बीमार हो जा रहा है। इसे शीघ्र बनवाने का काम होना चाहिए।
खस्ताहाल बिजनौर-नगीना रोड। संवाद
खस्ताहाल बिजनौर-नगीना रोड। संवाद