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Bijnor News: मन्नत पूरी करता है बाबा झारखंड शिव मंदिर का प्राकृतिक शिवलिंग

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श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना चांदपुर स्याऊ ​स्थित बाबा झारखंड ​शिव मंदिर
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चांदपुर। फाल्गुन मास की 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व है। श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक बाबा झारखंड शिव मंदिर में महाशिवरात्रि पर 14 फरवरी की रात्रि 12 के बाद से ही भोले बाबा का जलाभिषेक शुरू हो जाएगा। मान्यता है कि मंदिर के प्राकृतिक शिवलिंग की पूजा अर्चना करने वाले श्रद्घालुओं की मन्नत पूरी होती है। फाल्गुन व सावन मास में पड़ने वाली शिवरात्रि पर श्रद्धालु हरिद्वार से कांवड़ में जल लेकर शिवलिंग पर चढ़ाते हैं। मंदिर पर मेला सा लगा रहता है। श्रद्धालु हरिद्वार से जल लेकर भोले बाबा का जलाभिषेक करते हैं।
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चांदपुर से करीब दो किलोमीटर दूर स्याऊ-छाछरी मार्ग पर स्थित बाबा झारखण्ड शिव मंदिर की ऐतिहासिक घटना बताई जाती है। गांव स्याऊ निवासी रायबहादुर आर्य बताते हैं कि लगभग पांच सौ साल पहले यहां घना जंगल हुआ करता था। ग्वाला गांव के लोगों के पशु चराने यहां आता था। पशुओं में एक गाय जंगल के बीच स्थित ऊंचे टीले पर जाकर एक स्थान पर रूक जाती थी तथा उसके थन से स्वयं ही दूध निकलने लगता था। थोड़ी देर बाद गाय वहां से चली जाती थी। कई दिनों तक गाय का दूध निकलता देख ग्वाले ने गाय मालिक को बताया। गांववासियों ने उस स्थान पर खोदाई की तो वहां काफी गहराई तक पत्थर जैसा शिवलिंग दिखाई दिया। उसके बाद गांववासियों ने उस स्थान पर मंदिर का निर्माण कराया। प्रत्येक सोमवार को मंदिर पर मेला जैसा दृश्य रहता है।
मंदिर परिसर में विराजमान
मंदिर परिसर में विशाल झील के बीच में शेषनाग पर विराजमान भगवान विष्णु लक्ष्मी मंदिर, श्रीहनुमान मंदिर, मां दुर्गा मंदिर, प्रभु श्रीराम दरबार, सरभंग बाबा की समाधि, शंकर पार्वती परिवार मंदिर, मोनी बाबा की समाधि, यज्ञशाला, शनि देवता मंदिर, गायत्री माता मंदिर, श्री हनुमान मंदिर, श्रीराम दरबार मंदिर, विशाल पीपल देवता वृक्ष, वट देवता वृक्ष आदि मौजूद हैं। मंदिर पर प्रत्येक सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी रहती है।
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मंदिर पर पुजारी अशोक गिरि गोस्वामी का कहना है कि यह स्थान सिद्धपीठ है। काफी पुराना स्थान है। करीब 20 किलोमीटर दूर तक के भक्त यहां कांवड़ चढ़ाने आते हैं। मंदिर में पूजा अर्चना करने से भक्तों की मुराद पूरी होती है।

श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना चांदपुर स्याऊ स्थित बाबा झारखंड शिव मंदिर

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