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Bijnor News: काकोरी लूट में शामिल था बिजनौर में बिके टिकटों का धन

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क्रांति स्मारक पैजनियां। संवाद
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- काकोरी कांड के सौ वर्ष पूर्ण होने पर विशेष
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संवाद न्यूज एजेंसी

कोतवाली देहात/बिजनौर। देश को सशस्त्र क्रांति से आजादी दिलाने का सपना लिए सौ वर्ष पहले नौ अगस्त 1925 को क्रांतिकारियों के दल ने लखनऊ-हरदोई रेल मार्ग पर स्थित काकोरी स्टेशन के पास ट्रेन से अंग्रेजी सरकार का धन लूटा था। यह घटना भारत के स्वतंत्रता संग्राम का स्वर्णिम और चर्चित अध्याय है। काकोरी कांड में लूटे गए धन में जनपद बिजनौर में टिकटों की बिक्री से प्राप्त धन भी शामिल था।
ग्राम फीना निवासी इतिहासकार इंजीनियर हेमंत कुमार ने अपनी पुस्तक जनपद बिजनौर का परिचय में इस बारे में शोधपूर्ण जानकारी दी है। पुस्तक के अनुसार सन् 1925 के काकोरी कांड में क्रांतिकारियों ने धन जुटाने के लिए सहारनपुर-लखनऊ पैसेंजर में जा रहे सरकारी धन को लूटा था। यह ट्रेन उस समय ‘आठ डाउन’ कहलाती थी। उस दौर में हर स्टेशन से एकत्र राजस्व धन की थैली ट्रेन के गार्ड रूम में रखे बक्से में रखी जाती थी। यह गाड़ी बिजनौर के चौदह स्टेशनों से होकर गुजरती थी। उस दिन भी इसमें बिजनौर जिले के स्टेशनों का धन रखा गया था। लूट में जिले से अर्जित धन भी शामिल था।
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इस तरह वह क्रांतिकारियों के काम आया। ‘आठ डाउन’ ट्रेन बिजनौर में बालावाली, मुअज्जमपुर नारायण, नजीबाबाद, नगीना, धामपुर, स्योहारा जैसे कई स्टेशनों पर रुकती थी। इन स्टेशनों से टिकट बिक्री का धन गार्ड रूम में जमा होता जाता था। जिला सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, शाहजांहपुर और हरदोई के रेलवे स्टेशनों से टिकट बिक्री व अन्य राजस्व का धन एकत्र कर यह गाड़ी काकोरी स्टेशन पहुंची।
वहां क्रांतिकारियों ने इसको लूट लिया था। इस घटना ने अंग्रेजी शासन तंत्र को हिलाकर रख दिया था। सन् 2021 में यूपी सरकार ने इस घटना का नाम काकोरी कांड से बदलकर काकोरी ट्रेन एक्शन कर दिया था।
काकोरी के नायकों ने जनपद में काटा था अज्ञातवास

काकोरी कांड के बाद अंग्रेजी पुलिस ने क्रांतिकारियों के विरुद्ध अभियान चलाया था। इसके बाद गणेश शंकर विद्यार्थी ने कई क्रांतिकारियों को ग्राम पैजानिया निवासी शिवचरण त्यागी के पास भेजा था। शिवचरण त्यागी के नवासे इतिहासकार भोलानाथ त्यागी बताते हैं कि इस दौरान अशफाक उल्ला खान, रामप्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह सहित कई प्रमुख क्रांतिकारियों ने पैजानिया में अज्ञातवास काटा था। उनकी याद में ग्राम पैजानिया में क्रांति स्मारक का निर्माण किया गया है। क्रांति स्मारक में सभागार तथा संग्रहालय का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है शीघ्र ही गांव में संग्रहालय बनने की संभावना है।
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- सचिंद्रनाथ बक्शी ने बिजनौर जेल में काटी सजा, लगी लगी है प्रतिमा
काकोरी कांड में शामिल रहे सचिंद्रनाथ बक्शी ने बिजनौर जेल में दो बार सजा काटी। जिला जेल अधीक्षक अदिति श्रीवास्तव ने सचिंद्रनाथ बक्शी की प्रतिमा जेल परिसर में लगवाई है।

क्रांति स्मारक पैजनियां। संवाद

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