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Bijnor News: दिल्ली और महाराष्ट्र के बैंक खातों में गई रिटायर्ड शिक्षिका से ठगी की रकम

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बिजनौर। नजीबाबाद में रहने वालीं रिटायर्ड शिक्षिका को डिजिटल अरेस्ट कर साइबर ठगी की रकम को दिल्ली और महाराष्ट्र के खातों में भेजा गया। पांच खातों की पहचान की जा चुकी है। 29 लाख की इस ठगी को अंजाम देने के लिए कंबोडिया से वीडियो कॉल की गई थी। फिलहाल पुलिस की तीन टीम आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास में लगी हैं।
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बिजनौर साइबर पुलिस ने शुक्रवार को बैंक खातों के बारे में जानकारी हासिल की। एक खाता दिल्ली का सामने आया है, जिसमें 25 लाख रुपये जमा हुए। यह खाता रियल स्टेट फर्म का है। बाकी रकम मुंबई के चार बैंक खातों में भेजी गई है। साथ ही साइबर अपराधियों के मोबाइल नंबर और वीडियो कॉल करने वाले के आईपी एड्रेस तक पहुंचने का भी प्रयास किया जा रहा है।
बता दें कि नजीबाबाद के मोहल्ला हवेलीतला की रहने वालीं तोजीहा सुल्ताना के फोन पर 24 दिसंबर को एक कॉल आई, कॉलर ने खुद को टेलीकाम कंपनी का अधिकारी बताते हुए उनके नाम पर एक और मोबाइल सिम चलने की बात कही। साथ ही उक्त मामले को दिल्ली पुलिस काे ट्रांसफर करने की बात कही। इसके बाद 25 दिसंबर को वीडियो कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली पुलिस अधिकारी और नाम गोपेस बताया। जिसने कहा कि तुम्हारे खाते में मनी लान्ड्रिंग का पैसा आया है। इसके बाद एक और कॉल आई, जिसने खुद को सीबीआई का अधिकारी बताते हुए खाते में मनी लान्ड्रिंग का पैसा पहुंचने की बात को दोहराया।
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आरोपी ने इस मामले में गिरफ्तारी का डर दिखाते हुए सुप्रीम कोर्ट से जमानत करवाने का हवाला दिया। बाद में सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका निरस्त होने की बात कही और कहा कि बैंक खाते का सत्यापन करा लो, राहत मिल जाएगी। आरोपियों ने छह बार में करीब 29 लाख रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। पुलिस सूत्रों के अनुसार इस ठगी के तार विदेश से भी जुड़ रहे हैं। एएसपी सिटी कृष्ण गोपाल ने बताया कि मामले का खुलासा करने के लिए तीन टीमों लगाया गया है। कुछ खातों की पहचान की जा चुकी है।
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ठगी से बचने के लिए बन बातों का रखें ख्याल
-किसी भी अनजान नंबर से आने वाली वीडियो कॉल रिसीव ना करें
-पुलिस किसी भी व्यक्ति को वीडियो कॉल के माध्यम से नोटिस नहीं देती
-कोई भी कोर्ट वीडियो कॉल के माध्यम से सुनवाई नहीं करती है
-यदि कोई पुलिसकर्मी बताकर धमकाता है तो नजदीकी थाने में संपर्क करें
-अजनबी लिंक, ऐप, और क्यूआर कोड से बचें
-अपनी निजी जानकारी (ऑटीपी, पासवर्ड, बैंक डिटेल्स) किसी से साझा न करें
- ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें
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