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अक्षय तृतीया पर भी नहीं है बाजार के उभरने की उम्मीद

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अक्षय तृतीया पर भी नहीं है बाजार के उभरने की उम्मीद
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बिजनौर। कोरोना कर्फ्यू के चलते अक्षय तृतीया पर भी सर्राफा बाजार के उभरने की उम्मीद नहीं है। अक्षय तृतीया पर सोने के जेवरात खरीदना शुभ माना जाता है। लेकिन ऐसे हालात में लोगों के लिए सोना खरीदना दूर की कौड़ी हो गया है। सर्राफा बाजार पहले से ही मंदी की मार झेल रहा है। एक साल से ज्यादा समय से बाजार उभर नहीं पाया है। सर्राफा व्यापारी दुकानों में सोने चांदी के जेवरात लाने से भी बच रहे हैं।
ईद की खरीदारी के लिए जरूर इक्का दुक्के ग्राहक चांदी के छोटे मोटे जेवर खरीदने के लिए जरूर आ जाते हैं। शुक्रवार को अक्षय तृतीया है। इस दिन सोने चांदी के जेवरात खरीदना अति शुभ माना जाता है। कुछ लोग जरूर इस दिन जेवरात खरीदते हैं। शाम को अक्षय तृतीया पर बाजार में रौनक रहती थी। पर इस बार अक्षय तृतीया पर ग्राहकों को जेवरात नहीं मिल पाएंगे। सुबह कुछ समय बाजार तो खुल रहा है, लेकिन ग्राहक कोरोना के डर से नहीं आ रहे हैं। शाम को बाजार पूरी तरह बंद रहता है। कुछ सर्राफा व्यापारियों ने इतना जरूर किया है कि उन्होंने अक्षय तृतीया पर अपने परिचितों को सामान बेचने के लिए जेवर अपने घर पर रख लिए हैं। एक दो दिन ग्राहक अगर उनसे जेवरात खरीदने आएंगे तो वे घर से दे देंगे।
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इस समय सोना 49 हजार रुपये प्रति दस ग्राम व चांदी 70 हजार रुपये प्रति किलोग्राम है। ऐसे हालात में महंगे जेवरात खरीदने से लोग बच रहे हैं। सर्राफा व्यापारियों के यहां काम करने वाले दूर दराज के कारीगर कोरोना कर्फ्यू से पहले अपने घरों को जा चुके हैं। शादी के सीजन में जरूर थोड़े दिन के लिए बाजार में थोड़ी बहुत रौनक नजर आती है। जरूरतमंद लोग शादी की रस्मों के लिए थोड़े बहुत जेवरात खरीद लेते हैं पर इसके अलावा बाजार सुनसान है।
- हालात सामान्य होने के बाद लेंगे जेवर
सराफा व्यापारी विकास अग्रवाल के अनुसार कुछ लोगों ने सोने चांदी के जेवर बुक किए थे, लेकिन वे लेने नहीं आ रहे हैं। लॉकडाउन के बाद हालात सामान्य होने पर वे जेवर लेकर जाने की बात कह रहे हैं।
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- दूर तक नहीं हैं ग्राहक
सर्राफा संजीव वर्मा के अनुसार बाजार में दूर तक ग्राहक नहीं हैं। सुबह थोड़ी देर के लिए दुकान खुलती हैं, पर ग्राहक दिखाई नहीं देते हैं। अक्षय तृतीया के लिए कुछ सराफा व्यापारियों ने अपने परिचितों को देने के लिए जेवर घरों में रखे हैं।
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