हीमपुर दीपा में चीन के बार्डर पर शहीद हुए सैनिक गजेंद्र सिंह राठी का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव फतेहपुर कला में किया गया। उनके तीन साल के बेटे ने चिता को मुखाग्नि दी। सैनिकों की गारद ने कर्नल की मौजूदगी में गार्ड ऑफ आनर देकर सलामी दी। शहीद को आखिरी विदाई देते वक्त सभी की आंखों से आंसू छलक गए। भारत माता की जय और गजेंद्र सिंह राठी अमर रहे के नारे गूंजते रहे।
हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के गांव फतेहपुर कला निवासी गजेंद्र सिंह राठी पुत्र सीताराम सिंह 2006 में सेना में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। मार्च 2017 से गजेंद्र सिंह राठी सिक्किम में चीन के बार्डर पर तैनात थे। चार जुलाई को गजेंद्र राठी अपने दो साथी सिपाही हिमाचल प्रदेश के संतोष कुमार और राजस्थान के हवलदार रामलाल के साथ जिप्सी से अपनी पोस्ट पर जा रहे थे। अचानक मोड़ पर जिप्सी फिसलकर पलटने से तीनों जवान गंभीर रुप से घायल हो गए थे। इसमें जवान गजेंद्र सिंह राठी की मौत हो गई थी।
सूचना मिलते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया। छह जुलाई की रात शहीद जवान का पार्थिव शरीर सेना के जवानों की सुरक्षा में उनके पैतृक गांव लाया गया। वहां जवान के पार्थिव शरीर को देखते ही उनके परिजनों का सब्र का बांध टूट गया। परिजन गजेंद्र सिंह के पार्थिव शरीर से लिपटकर रोते रहे। शनिवार की सुबह लगभग आठ बजे फतेहपुर कला गांव में शहीद जवान की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। हर किसी की आंखें नम थी।
कर्नल हेमंत कुमार, कर्नल राजकुमार, तहसीलदार सदर धर्मेंद्र सिंह, भाजपा विधायक सुचि चौधरी, ओमकुमार नहटौर, रालोद महिला जिलाध्यक्ष पूनम चौधरी, पूर्व गन्ना राज्य मंत्री स्वामी ओमवेश, जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह, रालोद नेता राहुल सिंह, कबड्डी के अंतर राष्ट्रीय खिलाड़ी राहुल चौधरी, रालोद जिला अध्यक्ष अशोक चौधरी, कुलदीप चिकारा, देशराज सिंह, हरपाल सिंह आदि ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शहीद के पार्थिव शरीर पर फूल मालाएं चढ़ाई।
इस गमगीन माहौल के बीच गजेंद्र सिंह राठी के तीन वर्षीय पुत्र निशांत ने चिता को मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया। अंतिम संस्कार के समय मेरठ से पहुंचे नौ मैकेनिज्म बटालियन के मेजर गौरव पवार एवं बटालियन के 32 सैनिकों के साथ गजेंद्र सिंह राठी को गार्ड आफ ऑनर देने के बाद शस्त्रों से सलामी दी।