‘स्वास्थ्य का मूल मंत्र है संयम’
स्वास्थ्य संयम केंद्र केे नए परिसर का शिलान्यास
जीवन विद्या प्रतिष्ठान गोविंदपुर में विचार गोष्ठी
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बिजनौर। स्वास्थ्य संयम केंद्र समग्र एवं समन्वित स्वास्थ्य व्यवस्था के परिसर का शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर संयमित जीवन जीने का आह्वान किया गया।
शिलान्यास कार्यक्रम में जीवन विद्या प्रतिष्ठान गोविंदपुर खारी द्वारा आयोजित विचार गोष्ठी में पहुंचे पद्मश्री भारत भूषण त्यागी ने कहा कि हमारी धार्मिकता और सामाजिकता सभी में बाजारवाद हावी है। उन्होंने आह्वान किया कि शिक्षा और खेती इन दोनों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने जैविक खेती के बारे में बताया और जैविक खेती करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि स्वस्थ शरीर से ही स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण संभव है। वर्तमान समय में गांव की जीवन शैली में शहरीकरण ने स्थान बना लिया है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वह राष्ट्रहित में आगे आएं और राष्ट्र को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदान करें।
भाजपा के जिला अध्यक्ष सुभाष वाल्मीकि ने कहा कि संयम स्वास्थ्य का मूल मंत्र है। संयमित दिनचर्या से ही शरीर स्वस्थ होता है। शिक्षाविद पवन गुप्ता ने कहा कि आज का जनमानस पूरी तरह बाजार पर निर्भर हो गया है। कहा कि हमें सबसे पहले पर्यावरण को बचाना है, तभी हमारी आने वाली पीढ़ियां स्वस्थ रह सकेंगी। मो. अली शाह सुहैब ने कहा कि आज के समय में देश में योग्यता पैदा करना आवश्यक है। समाज की उन्नति के लिए स्वस्थ समाज की आवश्यकता है। इस अवसर पर परिसर में के नए भवन का शिलान्यास किया गया। वैदिक कन्या गुरुकुल की छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में सरदार अर्जुन सिंह ने गीत प्रस्तुत किया। इस मौके पर प्रशांत महर्षि, सुनीता जैन, डॉ. प्रकाश, विनय राणा, जिला पंचायत अध्यक्ष शामली प्रसन्न चौधरी, प्रोफेसर आरआर गौड़, सत्य प्रकाश सिंह, रण सिंह आर्य आदि मौजूद रहे।