बिजनौर। खिरनी में 12 बीघा जमीन पर मालिकाना हक का मामला जिलाधिकारी के पास पहुंच गया है। वहीं मामले में भाकियू अराजनैतिक ने 22 मार्च को चंदक में पंचायत करने का ऐलान किया है।
शनिवार की शाम पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह के संग डीएम से मिलने पहुंचे गांव खिरनी निवासी सुधीर कुमार ने शिकायती पत्र दिया। कहा कि उसके नाम पर ताऊ दीवान सिंह ने 12 बीघा जमीन की रजिस्टर्ड वसीयत की थी। दीवान सिंह की मौत 1982 में हुई जबकि 1976 में मौत होने का दुष्पप्रचार किया जा रहा है। सुधार ने बताया कि 1983 से 1999 तक यह जमीन उसके नाम पर रही। 1999 में चकबंदी के वक्त भूलवश यह जमीन वापस दीवान सिंह के नाम पर चली गई, जिसका वाद चकबंदी कोर्ट में चला।
आरोप लगाया कि भाकियू पदाधिकारियों ने हमसाज होकर ओमप्रकाश और रिंकू के नाम उक्त जमीन की फर्जी विरासत चढ़वा दी, इसके बाद भाकियू पदाधिकारी समरपाल सिंह की बेटी के नाम बैनामा करा लिया। आरोप है कि ओमप्रकाश और रिंकू को श्याम सिंह का वारिस बताया जा रहा है जबकि ये दोनों बुलंदशहर के रहने वाले हैं। आरोप लगाया कि फर्जी विरासत में गवाह रहे पतराम को पेंशन बनवाने का झांसा देकर अंगूठा लगवाया गया था। आरोप लगाया कि उक्त जमीन में आठ बीघा नेशनल हाईवे में आने वाली है, जिसका मुआवजा हड़पने के लिए जल्द से जल्द कब्जा करना चाहते हैं। सुधीर ने कहा कि वह 24 सालों से चकबंदी में चक्कर काट रहा है जबकि किसान यूनियन के उक्त लोगों ने चार माह में ही विरासत कायम कराके दाखिल खारिज और फिर बैनामा भी करा लिया। पत्र देकर इस प्रकरण में तहसीलदार के आदेशों का अनुपालन कराने की मांग उठाई।
उधर रविवार को इसी प्रकरण में भाकियू अराजनैतिक की बैठक में जिलाध्यक्ष नितिन कुमार सिरोही ने कहा कि घटना को तीन दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि मामले की जांच को एक कमेटी गठित होगी। जो कागजातों की जांच कर तय करेगी कि किस पक्ष के दस्तावेज सही हैं, लेकिन अभी तक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। कहा कि प्रशासन की मौजूदगी में राजा भारतेंद्र सिंह, विधवा संगीता के खेत पर कब्जा कराने के लिए पहुंचे थे, इससे किसानों और संगठन के कार्यकर्ताओं में भारी रोष है। कानून जो भी निर्णय करेगा उसका स्वागत किया जाएगा, लेकिन सत्ता के प्रभाव में किसी की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश उचित नहीं है। कहा कि लोकतंत्र में राजशाही की व्यवस्था बहुत पहले समाप्त हो चुकी है, इसके बावजूद कुछ लोग अपने नाम के आगे राजा लिखकर प्रभाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो भाकियू अराजनैतिक किसानों के बीच जाएगी और 22 मार्च को चंदक में पंचायत कर आर-पार की लड़ाई का ऐलान करेगी। बैठक में अतुल बालियान, नितिन सिरोही, लोकेंद्र सिंह, नतेंद्र सिंह, रामफल मुखिया,दीपक, समरपाल सिंह, उदयवीर सिंह, डेनी, नदीम, शुभम चौधरी, देवांनंद कपिल आदि उपस्थित रहे।