हिंदी माध्यमों की पुस्तकों की उपलब्धता का मुद्दा लोस में उठाया
बिजनौर, धामपुर। नगीना लोकसभा क्षेत्र के बसपा सांसद गिरीश चंद्र ने लोकसभा सदन में मानव संसाधन विकास मंत्री से हिंदी और अंग्रेजी माध्यमों की पुस्तकों की उपलब्धता का मुद्दा उठाया। छात्र-छात्राओं को पुस्तकों का टोटा होने से ठीक से पढ़ाई नहीं हो पाती।
सांसद ने जानकारी चाही कि क्या केंद्रीय विश्वविद्यालयों में हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाएं उपलब्ध हैं। यदि उपलब्ध हैं तो हिंदी माध्यम की पुस्तकों की उपलब्धता सदन को बताई जाए। सांसद ने कहा कि हिंदी माध्यम में पुस्तकों की उपलब्धता होना बहुत जरूरी है। केंद्रीय विश्वविद्यालय संसद के अधिनियम के तहत सृजित स्वायत्त संस्थान हैं। संवैधानिक नियमों के अनुमोदन से शिक्षण माध्यम शिक्षक विषय सामग्री पाठ्यक्रम शैक्षिक मामलों का निर्णय लेने का लेने के लिए सक्षम है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय केंद्रीय विश्वविद्यालयों के दैनिक शैक्षणिक प्रशासनिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करता। यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई छात्र भाषाई उच्च शिक्षा से वंचित ना हो। इसके लिए विश्वविद्यालय राज्य की एक भारतीय भाषा हिंदी और अंग्रेजी में शैक्षणिक पुस्तकों की उपलब्धता को सुनिश्चित करें।