बिजनौर। जमीन कब्जामुक्त नहीं होने से आहत एक युवक ने ट्रेन के कोच में खुद को बंद करते हुए पेट्रोल उड़ेलकर आत्मदाह का प्रयास किया। करीब तीन घंटे तक ट्रेन स्टेशन पर खड़ी रही तो मामला रेल मुख्यालय तक पहुंच गया। ऐसे में प्रशासन ने उक्त युवक की ओर से लगाए गए जमीन पर अवैध कब्जे की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल राजस्व अभिलेखों को खंगाला जा रहा है।
एसडीएम सदर अवनीश कुमार ने बताया कि राजस्व अभिलेखों की जांच शुरू कर दी गई है। यह देखा जा रहा है कि जमीन में कितना हिस्सा बिक चुका था और कितना बाकी रह गया है। साथ ही जमीन किस जगह स्थित है, यह भी जानकारी की जा रही है। बता दें कि शुक्रवार को गांव पीपलसाना निवासी भारतभूषण गजरौला से नजीबाबाद जाने वाली ट्रेन में सवार हुआ। जिसने ट्रेन के हल्दौर पहुंचते ही बाकी यात्रियों को दिव्यांग कोच से नीचे उतार दिया और कोच का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। इसके बाद ट्रेन बिजनौर स्टेशन पर पहुंची तो भारतभूषण ने कोच में पेट्रोल उड़ेल दिया और खुद पर भी पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने की चेतावनी दी।
तीन घंटे तक हंगामा चलता रहा। खैर किसी तरह से भारत भूषण को ट्रेन से बाहर निकाला गया। इसके बाद ट्रेन आगे के लिए रवाना हो सकी। भारत भूषण का आरोप था कि उसकी ससुराल बिजनौर के गांव आदमपुर में है, उसके कोई साल नहीं है। उसके ससुर की मौत के बाद सास करनदेई के नाम पर जमीन दर्ज होने में चार साल लग गए। बताया कि उसके ससुर ने जमीन का कुछ हिस्सा बेचा था। बाकी बची जमीन पर लंबे संघर्ष के बाद उसकी सास का नाम दर्ज हो सका। आरोप था कि बाकी बची जमीन पर कॉलोनाइजरों और अन्य रसूखदार लोगों ने कब्जा कर रखा है। उक्त जमीन की कीमत शहर से सटी होने के कारण काफी ज्यादा है। आरोप था कि राजस्व प्रशासन भी अवैध कब्जा करने वालों से हमसाज है।
उधर, तीन घंटे तक ट्रेन खड़ी रहने और आत्मदाह की धमकी पर प्रशासन हरकत में आया। इसके बाद जमीन संबंधी प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई। इस पूरे घटनाक्रम के बीच भारतभूषण के खिलाफ रेलवे एक्ट की धाराओं में एक मुकदमा दर्ज हो चुका है।