बिजनौर। मोहित पेट्रो केमिकल फैक्ट्री में पल भर में ही सात लोगों के परिवार की खुशियां उजड़ गईं। मृतकों में कई ऐसे थे जिनके सहारे घर का खर्चा चल रहा था। लोगों में इस घटना को लेकर गम और गुस्से का इजहार रहा। लोग इस घटना को लेकर हंगामा करते रहे, मृतकों के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल रहा।
फैक्ट्री में मरे गांव गधेली निवासी बाल गोविंद के चार पुत्री और एक छह साल का बेटा है। दो पुत्रियों की वे शादी कर चुके थे। घर की सारी जिम्मेदारी बाल गोविंद पर थी। फैक्ट्री में मजदूूरी करके वह घर का खर्चा चला रहा था। अब उसके घर को संभालने वाला कोई नहीं बचा है। अलावलपुर निवासी कमलवीर के पहली पत्नी से एक पुत्री है। दूसरी पत्नी से दो बच्चे हैं। कमलवीर के पिता नेत्रहीन हैं। कमलवीर की कमाई से ही घर का पालन पोषण हो रहा था। उसकी मौत से घर का सब कुछ उजड़ गया। अभयराम के तीन पुत्री व एक पुत्र हैं। उसके पास भी फैक्ट्री में नौकरी करने के बजाए आमदनी का कोई और जरिया नहीं था। अभयराम की मौत से उसका परिवार टूट गया है।
गांव हादरपुर निवासी लोकेंद्र के दो बच्चे हैं। फैक्ट्री में नौकरी करके वह अपने परिवार को चला रहा था। इसके साथ साथ रेलवे में नौकरी करने के लिए कोचिंग भी कर रहा था। लोकेंद्र की मौत से उसका परिवार उजड़ गया है। गांव धींवरपुरा के विक्रांत की मौत से गांव में सन्नाटा पसरा है। गांव वाले विक्रांत की मौत का परिजनों में कोहराम मचा है। गांव वालों ने बताया कि विक्रांत ने मंगलवार रात को ही पत्नी रूबी से सुबह पांच बजे खाना बनाने को कहा था। उसने रूबी को बताया था कि बुधवार को फैक्ट्री में ज्यादा काम है। उसे फैक्ट्री जल्दी बुलाया गया है। मृतक विक्रांत के पीछे पत्नी रूबी, दो लड़की राधिका, खुशी व पुत्र निकुंज सहित अन्य परिजन रोते बिलखता छोड़ गए। इस हादसे को लेकर लोगों में बेहद गुस्सा रहा। गुस्साए लोग फैक्ट्री स्वामी व अफसरों के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। फैक्ट्री से शव जिला अस्पताल ले जाने के दौरान भी उन्होंने जमकर विरोध किया। कहा कि फैक्ट्री मालिक का तो कुछ भी नहीं बिगड़ा लेकिन कई परिवार इस हादसे में उजड़ गए हैं। इन परिवारों को रोटी देने वाला भी कोई नहीं बचा है।
शरीर पर गंभीर चोट के निशान
हादसे में मरे सभी सात लोगों के शरीर पर चोट के गंभीर निशान थे। बॉयलर फटने से लगी चोट के अलावा वे काफी ऊंचाई से भी गिरे थे। गंभीर चोट लगने से उनकी जान गई। टैंक में फंसे हुए अभयराम के शव को निकालने के लिए पुलिस प्रशासन को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। शव को निकालने के लिए टैंक को काटा जा रहा है। बिना टैंक काटे शव निकलना संभव नहीं है।
डीएम को सौंपे 12-12 लाख रुपये के चेक
-बिजनौर। जिला प्रशासन और फैक्ट्री मालिक के साथ जनप्रतिनिधियों, किसान नेताओं की मौजूदगी में सभी मृतक मजदूरों के परिजनों की डीएम आवास पर बैठक हुई। जिसमें मृतकों के परिजनों के नाम 12-12 लाख रुपये के चेक फैक्ट्री स्वामी की ओर से देने पर सहमति बनी। चेक डीएम के पास आ गए हैं। बृहस्पतिवार को चेक परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। साथ ही मजदूरों के बच्चे भी फैक्ट्री मालिक के स्कूल में इंटरमीडिएट तक निशुल्क पढ़ेंगे। बुधवार शाम डीएम आवास पर जनप्रतिनिधियों और किसान नेताओं के साथ हादसे के संबंध में बैठक हुई। जिसमें फैक्ट्री मालिक के भाई को भी बुलाया गया। जिसमें मृतकों के परिजनों को 12-12 लाख रुपये देने की सहमति बनी। घायलों की मदद बाद में होगी। डीएम अटल कुमार राय के मुताबिक मृतकों के बच्चे कक्षा 12 तक फैक्ट्री स्वामी के स्कूल में निशुल्क पढ़ेंगे। परिवार के एक एक सदस्य को फैक्ट्री में नौकरी दी जाएगी। इनके अलावा मृतकों के परिजनों को सरकारी मदद अलग से मिलेगी। डीएम ने कहा कि घटना की रिपोर्ट दर्ज हो गई है। पुलिस इसकी जांच कर रही है। कारखाना इंस्पेक्टर को भी जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुख जताया है। प्रशासन से अपने स्तर से मदद करने को कहा है। डीएम ने टैंक में दो शव लटके होने की बात से इंकार किया है। कहा कि केवल एक शव मिला है। वह शव अभयराम का है। डीएम ने कहा कि वेल्डिंग करते समय मिथेन गैस के आग पकड़ने से यह हादसा हुआ है। डीएम के साथ हुई बैठक में एसपी उमेश कुमार सिंह, एसपी सिटी दिनेश सिंह, भाजपा सांसद भारतेंद्र सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र चौधरी, रालोद नेता राहुल चौधरी, अशोक चौधरी, आजाद किसान यूनियन जिलाध्यक्ष विरेंद्र सिंह, एमपी सिंह आदि मौजूद रहे।