गन्ना सेंटरों पर घटतौली रोकने के लिए शासन सख्त
बिजनौर। शासन गन्ना खरीद केंद्रों पर घटतौली रोकने को लेकर सख्त हो गया है। किसानों को गन्ने से जुड़ी शिकायतों को लेकर इधर उधर भागना नहीं पडे़गा। अब हर चीनी मिल के गेट पर कंट्रोल रूम स्थापित होगा। नोडल अधिकारी किसानों की शिकायत का निपटारा करके रोजाना शासन को अपडेट करेंगे। लूप लाइन के सेंटरों के तौल कांटों की जांच प्रमुखता से होगी।
सहायक चीनी आयुक्त डीपी मौर्य के अनुसार शासन के निर्देशों पर अमल शुरू हो गया है। जिला में गन्ने की पैदावार अधिक है। किसान बिजनौर, चांदपुर, धामपुर, स्योहारा, बहादरपुर, बिलाई, बूंदकी, नजीबाबाद व बरकातपुर चीनी मिलों पर गन्ना डालता है। इनके कुल 343 गन्ना खरीद केंद्र स्वीकृत हैं। बिलाई चीनी मिल ने पेराई शुरू कर दी है। हर साल गन्ना सीजन में सेंटरों पर घटतौली को लेकर हंगामा रहता है। शासन ने पेराई सीजन के शुरू में ही गन्ना सेंटरों पर घटतौली रोकने के लिए घेराबंदी शुरू कर दी है। सहायक चीनी आयुक्त डीपी मौर्य ने बताया कि हर चीनी मिल के गेट पर कंट्रोल कक्ष स्थापित होगा, जिसमें चीनी मिल के गन्ना विभाग का वरिष्ठ अधिकारी नोडल अधिकारी होगा। नोडल अधिकारी का मोबाइल नंबर मिल के सार्वजनिक पटल पर लिखा होगा। कंट्रोल कक्ष में किसानों की घटतौली व गन्ने से जुड़ी अन्य शिकायत दर्ज होंगी। नोडल अधिकारी शिकायतों पर की कार्रवाई से सहायक चीनी आयुक्त को रोजाना अवगत कराएंगे। इसकी उसी दिन सूचना चीनी मिल आयुक्त लखनऊ को भेजी जाएगी। कंट्रोल कक्ष स्थापित करने के लिए चीनी मिलों को निर्देश दिए गए हैं। यदि नोडल अधिकारी किसान की बात नहीं सुनता है तो किसान कंट्रोल कक्ष पर चस्पा सूची के अधिकारियों को इसकी जानकारी देंगे।
जिला स्तरीय अधिकारी सेंटरों पर मारेंगे छापे
बिजनौर। सहायक चीनी आयुक्त डीपी मौर्य के अनुसार शासन ने गन्ना विभाग के छह अधिकारियों की अलग अलग टीम बनाई है। टीम के क्षेत्र आवंटित हैं। सभी टीम अधिकारियों के मोबाइल नंबर प्रत्येक गन्ना खरीद केंद्र पर चस्पा होंगे। किसान अधिकारियों से भी सीधी शिकायत कर सकता है। यदि मिल गेट पर बने कंट्रोल रूम में की गई शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है तो उसे भी सक्षम अधिकारी को बता सकता है। शासन घटतौली को लेकर सख्त है। किसान की उपेक्षा करने पर कर्मचारी से लेकर जांच अधिकारी तक लपेटे में आ सकता है।
अधिक घटतौली वाले सेंटरों के कांटों की जांच पहले होगी
बिजनौर। सहायक चीनी आयुक्त ने बताया कि जिले के जिन गन्ना खरीद केंद्रों पर पिछले तीन सालों में घटतौली के मामले सबसे अधिक मिले हैं उनके तौल कांटों की जांच सबसे पहले की जाएगी। अधिकारी सेंटरों पर देखेगा की बाट शासकीय मानक के अनुसार है या नहीं। मामले में बाट-माप विभाग की टीम साथ होगी। इन सेंटरों के कांटों की जांच लगातार होती रहेगी। सहायक चीनी आयुक्त के मुताबिक दूरस्थ या दुर्गम गन्ना खरीद केंद्रों की जांच प्रमुखता से होगी।
पंद्रह सेंटर ब्लैक लिस्ट में
बिजनौर। सहायक चीनी आयुक्त डीपी मौर्य ने बताया कि जिले के कुछ गन्ना खरीद केंद्रों पर पिछले सालों में घटतौली के अधिक मामले पकडे़ गए थे। शासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए बिजनौर परिक्षेत्र के 15 गन्ना खरीद केंद्रों को ब्लैक लिस्ट कर दिया है। इन सेंटरों को चालू पेराई सीजन के लिए लाइसेंस जारी नहीं किया गया है। आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। टीम निगाह रखेंगी।