नांगलसोती/नजीबाबाद। पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश होने के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ने से गंगा ने गौसपुर गांव की आबादी की ओर 15 मीटर कटान कर दिया है। गांव की ओर कटान होता देखकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। एसडीएम परमानंद झा ने गांव पहुंचकर कटान क्षेत्र का निरीक्षण किया और ग्रामीणों को कटान क्षेत्र में नहीं जाने की निर्देश दिए।
पिछले एक माह से गंगा नदी द्वारा नांगलसोती के गांव गौसपुर में भूकटाव किया जा रहा है। जिस कारण किसानों की कई बीघा भूमि गंगा में समा चुकी है। प्रशासन ने भूकटाव रोकने के लिए अस्थायी स्टड तो बनाए लेकिन कार्य रुकने के कारण वे भी अधूरे पड़े हैं। बुधवार को पर्वतीय क्षेत्रों में हुई बारिश से गौसपुर में गंगा का जलस्तर बढ़ा। इस दौरान गंगा ने गांव की आबादी की ओर 15 मीटर कटान कर दिया। भूकटाव से किसान परमा सिंह, कुंदन सिंह, पूर्व प्रधान राजेश सिंह, छतर सिंह, रोशन सिंह, सतपाल सिंह, धर्मा सिंह की फसल गंगा में समा गई। सूचना पर एसडीएम परमानंद झा ने गांव गौसपुर पहुंचकर कटान क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों को गंगा के कटान क्षेत्र में नहीं जाने निर्देश दिए। साथ ही सिंचाईं विभाग के अधिशासी अभियंता को अस्थायी स्टड बनाकर कटान रोकने के निर्देश दिए।
कटान से ग्रामीण दहशत में
गौसपुर के ग्रामीणों ने क्षेत्र के भूकटाव रोकने को लेकर प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। कटान रोकने के लिए कम संख्या में अस्थायी स्टड बनाए। कटान से किसानों की कई बीघा जमीन गंगा में समा चुकी है। ग्राम प्रधान अनीता देवी, भंवर सिंह, राजेश सिंह ने कहा कि कटान रोकने के लिए वे अधिकारियों से गुहार लगा रहे, लेकिन प्रशासन की ओर से सिर्फ आश्वासन मिल रहे है। ाबादी की ओर कटान करना शुरू कर दिया है, जिससे ग्रामीण दशहत में है।
60 मीटर रह गई गांव की दूरी
गौसपुर में लगातार भूकटाव होने से गंगा से गांव की दूरी अब 60 मीटर रह गई है। गांव की ओर कटान से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से भूकटाव रोकने के कटान क्षेत्र में अधिक संख्या में अस्थायी स्टड बनाने की मांग की है।