बिजनौर में पौधों की पत्तियों पर जमीं ओस की बूंद।
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बिजनौर में पाले के कारण बढ़ी ठंड ने शनिवार को पिछले करीब पांच साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। जिले का तापमान गिरकर शून्य डिग्री सेल्सियस हो गया। पाले से बढ़ी ठंड के कारण लोग कांप उठे। रही-सही कसर दोपहर के बाद आसमान में छाए बादलों ने पूरी कर दी। बादलों के कारण शाम को ठंड का प्रकोप और बढ़ गया।
शुक्रवार को जिले का न्यूनतम तापमान 1.4 डिग्री और बृहस्पतिवार को 1.2 डिग्री सेल्सियस था। शुक्रवार शाम ठंड का ज्यादा प्रकोप नहीं था। हालांकि रात बीतने के साथ ही ठंड का प्रकोप बढ़ना शुरू हो गया। सुबह को खेतों व मैदानों में घास पत्तियों पर पाले की परत दूर तक जम गई। गन्ने के खेतों में पत्ती पर सफेद पाले की चादर सी बिछी रही। सुबह के समय घना कोहरा भी छाया रहा। ठंड का असर इतना ज्यादा था कि शनिवार सुबह को मैदान व सड़कों पर जॉगिंग करने वालों की तादाद भी आधी ही रह गई। सूरज निकलने तक खेतों में पाले की परत जमी रही। शनिवार को जिले का न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस तक हो गया। अधिकतम तापमान 19.3 डिग्री सेल्सियस रहा। शनिवार को स्कूलों व सरकारी कार्यालयों में अवकाश रहने के कारण लोग घरों में कैद हो गए। दोपहर बाद आसमान में छाए बादलों ने ठंड का असर फिर से बढ़ा दिया। मौसम विज्ञान वैधशाला के प्रेक्षक डॉ. आरके शर्मा के मुताबिक पिछले करीब पांच सालों में पहली बार जिले का तापमान 0 डिग्री सेल्सियस रहा। शनिवार को सबसे ठंडा दिन रहा। आने वाले दिनों में भी पाला पड़ने के आसार हैं।