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बारिश से किसी फसल को कोई नुकसान नहीं

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बिजनौर। मुख्यालय सहित जिले में हुई सर्दी की पहली बारिश ने ठंड में इजाफा कर दिया। यह बारिश गेहूं की फसल के लिए लाभदायक साबित होगी। कृषि विज्ञानिकों के अनुसार बारिश के करीब 15 दिन बाद चना व मटर की फसल में इल्लियों (फसल की फलियों को खाने वाला कीट) का प्रकोप बढ़ सकता है। यदि चार से पांच दिन तक इसी प्रकार से मौसम रहा तो फसलों को नुकसान होने की संभावना है। पूरे जनपद में 11 एमएम बारिश हुई।
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बारिश एवं शीतलहर से बढ़ी ठंड के कारण फसलों में पाले का खतरा बढ़ गया है। मौसम वेधशाला नगीना के कृषि वैज्ञानिक केके सिंह ने बताया कि रात में एक से चार बजे तक तापमान काफी कम होने की स्थिति में फसलें पाले से प्रभावित हो सकती हैं। शुक्रवार रात हुई बारिश से करीब करीब सभी फसलों, सब्जियों को लाभ मिलेगा। जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्र के अनुसार इस बारिश से किसी भी फसल को कोई नुकसान नहीं हुआ है। बल्कि यह गेहूं एवं अन्य फसलों के लिए फायदेमंद है।
बदली से बढ़ेगा इल्लियों का प्रकोप
आसमान पर छाई बदली व सुबह छा रही कोहरे की धुंध से चना व मटर की फसलों में इल्लियों का प्रकोप बढ़ सकता है। कृषि वैज्ञानिक डा. केके सिंह ने बताया कि बारिश के 15 दिन बाद इल्लियों के प्रकोप बढ़ने लगता है। इस बारिश का सबसे बड़ा फायदा दलहन मटर, चना, मसूर आदि फसलों को है।
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वर्षा से होगा फसलों को लाभ
नगीना/नींदडू। शनिवार सुबह लगभग 20 मिनट जोरदार और फिर 10 बजे से 11 बजे तक हल्की वर्षा हुई। बारिश से ठंड में इजाफा हो गया। बच्चों व वयस्कों को दुकानों से खरीदारी के लिए छाता लगाकर आना पड़ा। दूसरी ओर बाजीदपुर-बीरू की प्रधान पति अथर हुसैन ने बारिश को गेहूं, गन्ना, बरसीम और सरसों आदि फसलों के लिए लाभदायक बताया। किसानों के अनुसार इस समय हल्की बारिश पड़ने से अगेती गेहूं की फसल को भारी लाभ हुआ है तथा खड़ी चना, मसूर ,व गन्ने की फसल को भी इसका लाभ हुआ है।
गन्ने की कटाई होगी प्रभावित
अफजलगढ़। अचानक हुई बारिश ने ठंड बढ़ा दी है। शनिवार सुबह अचानक बारिश होने से कुछ किसानों के चेहरे खिले तो कुछ मायूस हो गये। खेतों में पानी रुकने से गन्ने की छिलाई तथा कटाई का काम फिलहाल नहीं हो सकेगा। जबकि गेहूं बो चुके किसानों को बारिश से कोई राहत नहीं मिली। किसान मुख्तियार सिंह, देवेंद्र सिंह, विजेंद्र सिंह, कैलाश सिंह तथा सुनील आदि का कहना है कि गेहूं बुआई की तैयारी कर रहे किसानों को बुआई के लिए खेतों का पानी सूखने तक रुकना पड़ सकता है।
बारिश ने बढ़ाई ठंड
धामपुर/कालागढ़। शनिवार सुबह तेज गड़गड़ाहट के साथ मौसम का मिजाज बदल गया। दोपहर तक कालागढ़ में बूंदाबांदी चलती रही। किसानों विनोद कुमार, मलकीत सिंह, मनेंदर सिंह, सुनील कुमार आदि का कहना है कि इन दिनों गेहूं की बुआई की जा रही है तो कुछ खेतों में गेहूं के पौधे निकल भी आए हैं। ऐसे में खेतों में पानी की आवश्यकता है। राजेंद्र सिंह, अशोक कुमार फीना का कहना है कि जिन किसानों ने गेहूं और तिलहनी और दलहनी फसलों की सिंचाई कर दी है। वह तो बारिश होने से दब गई है। लेकिन जिन्होंने सिंचाई नहीं की थी उन फसलों के लिए वरदान साबित हुई है।
वाहनों की थमी रफ्तार
नजीबाबाद/जलालाबाद। शुक्रवार रात्रि लगभग नौ बजे से घना कोहरा छा गया। पूरी रात घना कोहरा छाने से लंबी दूरी के वाहनों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। घने कोहरे के कारण हाईवे पर अनेक वाहनों को चालकों ने रोक दिया जबकि कुछ वाहन काफी धीमी गति से चलने को विवश हुए। शनिवार को सवेरे लगभग पांच बजे गरज के साथ वर्षा हुई, जिससे जन-जीवन प्रभावित रहा। नजीबाबाद, जलालाबाद, साहनपुर क्षेत्र में हल्की से सामान्य वर्षा हुई जबकि अन्य क्षेत्रों में गरज के साथ हल्की बूंदा-बांदी हुई। किसान लाखन सिंह, मो.आफाक, मो.रिजवान, अहसान, वसीम, सुरेश ने गेंहू की बुआई के लिए बारिश को फायदेमंद बताया। उधर, नजीबाबाद में गरज के साथ हुई वर्षा और कोहरे से तापमान में गिरावट आई। राजकीय इंटर कॉलेज वेदशाला प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि शनिवार को तड़के नजीबाबाद में 16 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। न्यूनतम तापमान 10 डिग्री और अधिकतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
सर्दी की पहली बारिश से बढ़ी ठंड, न करें सुबह की सैर
- ठंड में रनिंग अथवा हार्ड एक्सरसाइज करने से हो सकता है हार्ट और ब्रेन अटैक
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। सर्दी की पहली बारिश ने सुबह की सैर करने वालों के लिए खतरा बढ़ा दिया है। चिकित्सकों के अनुसार सुबह नसों में खून का सर्कुलेशन कम रहता है, जिससे रनिंग या हार्ड एक्सरसाइज से हार्ट अटैक या फिर ब्रेन अटैक भी हो सकता है।
ठंड में हार्ट अटैक के ज्यादा मामले बढ़ जाते हैं। सर्दी के कारण फिजीकल एक्टीविटी कम होने के कारण कोलस्ट्रोल से भरपूर डाइट अधिक लेने से धमनियों में क्लोटिंग हो जाती है, जो हार्ट अटैक की संभावनाओं को अधिक कर देती हैं। सेतिया क्लीनिक के एमडी फिजीशियन डा. सत्यपाल सेतिया ने बताया कि सर्दियों में डाइबिटिक, ब्लड प्रेशर, सांस तथा दमे के मरीजों की समस्याएं बढ़ जाती हैं। ठंड में पानी भी कम पिया जाता है, जिससे सर्दियों में नसें सिकुड़ने लगती हैं। इस कारण हार्ट अटैक की संभावना बढ़ने लगती है। ऐसे में सभी को सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।
ऐसे करें बचाव
सूफिया मेमोरियल हॉस्पिटल की चेस्ट फिजीशियन डा. तजीन आरिफ का कहना है कि सुबह की सैर करने वाले जल्दी जाने की बजाए या तो बंद करें या फिर सुबह आठ बजे के बाद ही सुबह की सैर करें। इसके साथ ही गर्म कपडे़ पहन कर रखें, सिर पर कैप, हाथों में दस्ताने व पैरों में जुराब पहनें, गर्म भोजन करें एवं महिलाएं घरेलू कार्यों में गर्म पानी का उपयोग करें। इसके साथ ही हार्ट के रोगी को सर्दियों में जल्दी व्यायाम नहीं करना चाहिए। सर्दियों में सुबह वातावरण में नमी रहती है और ये नमी ज्यादा खतरनाक रहती है।
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इन बातों का रखें ध्यान
- धूप निकलने पर ही निकलें घर से बाहर।
- शरीर को पूरी तरह से कवर रखें, कैप पहनें।
- हार्ड एक्ससाइज से बचें।
- हल्की-फुल्की व्यायाम करें।
- मोटापे का शिकार लोग मॉर्निंग वॉक से परहेज करें।
- हृदय रोग वाले लोग मॉर्निंग वॉक पर न जाएं।
- ब्लड प्रेशर का विशेष ध्यान रखें।
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