बिजनौर/ स्योहारा में क्षेत्र के गांव राजीपुर उर्फ रसूलपुर में छप्पर में डिबिया से लगी से एक बच्चे की जलकर मौत हो गई। वहीं हल्दौर के गांव जलाब्दीपुर में घरों में हाई वोल्टेज करंट आने से एक किशोरी की मौत हो गई, जबकि कई लोग झुलस गए।
स्योहारा में गांव राजीपुर उर्फ रसूलपुर निवासी ओमी सिंह मजदूरी करता है। मंगलवार रात ओमी अपने पांच बच्चों के साथ घर में सोया था। रात करीब नौ बजे पड़ोसी के मोबाइल पर रिश्तेदार का फोन आ गया। पति-पत्नी फोन सुनने चले गए। बच्चों के पास जल रही डिबिया से अचानक छप्पर (घर) में आग लग गई। आग की लपटे निकलते देख आसपास के लोगों ने शोर मचाया। शोर सुनकर बच्चों की आंख खुल गई और बाहर की ओर भागे। चारपाई से उठते समय अचानक जलते हुए छप्पर का कुछ हिस्सा ओमी के 12 वर्षीय पुत्र निकुल के ऊपर गिर गया। शोर सुन उनके पिता-पुत्र भी आ गए। उन्होंने निकुल के कपड़ों में लगी आग को बमुश्किल बुझाया, लेकिन तब तक निकुल व दूसरे छप्पर में बंधी भैंस गंभीर रूप से झुलस गई थी। निकुल को उपचार के लिए सीएचसी ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने निकुल को मृत घोषित कर दिया। बाद में ग्रामीणों ने छप्पर में लगी आग को बुझाया। लेकिन तब तक घर में रखा खाने पीने का सामान, कपड़े व अन्य सभी सामान जल गया। हादसे में ओमी की चार वर्षीय पुत्री निशिका का हाथ भी झुलस गया। सीएचसी से बालक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
उधर, हल्दौर थाना क्षेत्र के गांव जलाब्दीपुर में बुधवार की अपराह्न करीब ढाई बजे पैजनियां बिजलीघर से विद्युत आपूर्ति की गई। गांव के दक्षिण में 63 केवी का ट्रांसफार्मर रखा हुआ है। बिजली आने पर अचानक उक्त ट्रांसफार्मर में फाल्ट जाने के कारण गांव में हाई वोल्टेज करंट दौड़ गया। इससे गांव निवासी नसरीन, फरजाना, सहाना, राईस्ता, सबरीन, रुबीना, आरती, बाला देवी बुरी तरह झुलस गई।
साथ ही गांव के प्रीतम सिंह, अब्दुल रशीद और मस्जिद समेत कई ग्रामीणों के घरों के विद्युत उपकरण भी फुंक गए। घटना से गांव में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर थाना अध्यक्ष जसवीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। करंट से झुलसे पीड़ितों को उपचार के लिए सीएचसी हल्दौर में लाया गया जहां चिकित्सकों ने शबरीन पुत्री सुल्तान को मृत घोषित कर दिया और रुबीना व फरजाना को नाजुक हालत में बिजनौर रेफर कर दिया गया। गांव के पूर्व सरपंच रामपाल सिंह का आरोप है कि सूचना पर भी विद्युत निगम का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। उन्होंने पीड़ितों को मुआवजा दिलाने की मांग की है। निगम के एसडीओ गौरव पाल ने बताया कि मामला संज्ञान में है।