बिजनौर। खुद के भविष्य को बेहतर बनाने की चिंता युवाओं को मानसिक बीमारी की तरफ धकेल रही है। युवाओं को परीक्षा देने से पहले ही फेल होने का डर सता रहा है। ज्यादा सोचने की वजह से युवा वर्ग ओवरथिंकिंग का शिकार हो रहे हैं।
मेडिकल अस्पताल के मानसिक रोग विभाग में हर महीने ओवरथिंकिंग के मरीज पहुंच रहे हैं। ओवर थिंकिंग का मुख्य कारण तनाव और किसी के बारे में ज्यादा सोचना माना जा रहा है। पति-पत्नी को एक-दूसरे पर शक, युवा वर्ग को नौकरी से परेशानी, विद्यार्थियों को परीक्षा देने से पहले ही फेल होने का डर, महिलाओं के पारिवारिक झगड़ों से परेशान होने के मामले सामने आ रहे हैं। यह समस्या बढ़ने पर व्यक्ति एंग्जाइटी, पैनिक डिसऑर्डर के शिकार हो जाते हैं। किशोर, युवा, महिलाएं, बुजुर्ग सभी वर्गों के लोग इस समस्या की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में चिकित्सक मरीजों को परिवार के लोगों से अपनी बात बताने की सलाह दे रहे हैं।
केस नंबर एक
विनोद निवासी 21 वर्षीय एक युवक नीट की तैयारी कर रहा है। लेकिन, तैयारी के दौरान उसे परीक्षा में फेल होने के विचार आ रहे हैं। इसकी वजह से वह चिड़चिड़ा भी रहता है। इस समस्या को लेकर उसके परिवार वाले भी परेशान हैं।
केस नंबर दो
नजीबाबाद निवासी 27 वर्षीय युवक एक नोएडा स्थित एक आईटी कंपनी में अच्छे पैकेज पर नौकरी कर रहा है। नौकरी को लेकर खुश भी है। लेकिन उसे हर समय अपनी नौकरी छुटने का डर सता रहा है। जिसकी वजह से वह तनाव में है।
केस नंबर तीन
बिजनौर निवासी एक महिला की दो साल पहले शादी हुई है। अगर, घर में कोई सामान बिखर जाता है तो उसे डर लगा रहता है कि उसका पति उसके साथ कुछ अनहोनी ना कर दे। जबकि, पति को सामान बिखरने करने की जानकारी ही नहीं होती है।
ओवरथिंकिंग के लक्षण
-चिड़चिड़ापन होना
-नींद नहीं आना
-उदास रहना
-भूख कम लगना
-घबराहट होना
-निर्णय नहीं ले पाना
ओवर थिंकिंग के कारण
-तनाव
-आर्थिक समस्या
-अपेक्षाएं कम होने से
- सपोर्ट सिस्टम नहीं होने से किसी पर विश्वास नहीं होना
ओवर थिंकिंग से बचाव
-समस्या को किसी व्यक्ति के साथ शेयर करें
-जो ठीक लगे, वह करके देखें
-डायरी लिखें
-साहस, धैर्य, आत्मविश्वास बढ़ाए
-परिवार में सकारात्मक माहौल रखें
ओवरथिंकिंग कोई आम समस्या नहीं है। समय से इसका ध्यान नहीं दिया गया तो परेशानी बढ़ सकती है। ओवरथिंकिंग से बचाने के लिए अपनी समस्या को विश्वास पात्र के साथ साझा करें। अधिक परेशानी दिखाई देने पर तुरंत मानसिक रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें।
डॉ. नितिन कुमार, मानसिक रोग विशेषज्ञ, मेडिकल अस्पताल, बिजनौर