बिजनौर के ग्राम सालमाबाद भरैरा में तालाब में फंसी नील गाय को निकालते ग्रामीण।
- फोटो : BIJNOR
तालाब में फंसी नीलगायों को किसानों ने निकाला
बिजनौर। गन्ना खत्म होने पर आसरे के लिए भटक रहीं छह नीलगाय गांव सालमाबाद में तालाब में खरपतवार में फंस गई। गांव वालों ने खुद ही रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर नील गायों को निकाला। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान वन विभाग से केवल एक कर्मचारी ही पहुंचा।
नीलगाय गन्ने के खेतों में ही आसरा लेती हैं। लेकिन गन्ना खत्म होता जा रहा है। अब नीलगाय आसरे की तलाश में खेतों में भटक रही हैं। शुक्रवार सुबह गांव सालमाबाद में बाहर की ओर बने तालाब में छह नीलगाय घुस गईं। नीलगाय तालाब की खरपतवार में फंस गईं। सूचना मिलने पर एक वन दरोगा मौके पर पहुंचे। गांव वालों ने खुद ही गायों को निकालना शुरू किया। तीन नीलगाय किनारे से करीब 100 मीटर आगे फंसी थीं। गांव का युवक कपिल कुमार रस्सी बांधकर तालाब में उतरा और किसी प्रकार वह रस्सी के सहारे नील गायों को निकाला। चार घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद गांव वालों ने सभी नीलगायों को बचाया। इस दौरान ग्राम प्रधानपति कमज कुमार, दल सिंह, हेमराज सिंह, अजय कुमार, अनिल, छोटे, दिलीप, योगेश मौजूद रहे।
किसानों की दरियादिली
नीलगाय किसानों के खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। इसके बाद भी किसानों ने दरियादिली दिखाते हुए नीलगायों को बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। फसलों के नुकसान व खुद की जान की भी परवाह नहीं की।
बिजनौर के ग्राम सालमाबाद भरैरा में तालाब में फंसी (लाल घेरे में) नील गाय को निकालते ग्रामीण।- फोटो : BIJNOR