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तेज बहाव में कटा गंगा का तटबंध, बाढ़ का खतरा

Mon, 07 Aug 2017 12:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
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मंडावर क्षेत्र के ग्राम रामसहायवाला तटबंध का कटान करती गंगा। - फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में पहाड़ों पर बारिश से मैदान में रौद्र रूप धारण करने वाली गंगा ने उत्तराखंड की ओर गंगा पर बने तटबंध को काटना शुरू कर दिया है। तटबंध कटने से उत्तराखंड के गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। वहीं, जिले के दो गांवों में भी बाढ़ आ जाएगी। उधर, गांव ब्रह्मपुरी में तीसरे दिन भी पानी भरा रहा। कई गांवों की ओर गंगा अब भी कटान कर रही है। 

कटान को रोकने के लिए उत्तराखंड शासन ने गंगा की दूसरी ओर बसे अपने गांवों को बचाने के लिए तटबंध बनाए थे। यूपी और उत्तराखंड सीमा पर गंगा के दूसरी ओर बसे दो गांवों राम सहायवाला और हिम्मतपुर बेला के ग्रामीणों को भी बाढ़ से मुक्ति मिल गई थी। गांव वालों ने तटबंध पर मिट्टी डालकर उसे आने जाने का रस्ता बना लिया था। रविवार को ग्रामीणों खेतों पर गए तो देखा कि गंगा ने कई मीटर तटबंध कटकर धारा में बहा लिया है। गंगा का पानी रिसकर उनके खेतों में आ रहा है। सूचना पर एसडीएम लक्सर कौस्तुंभ मिश्रा, सीओ चंदन सिंह बिष्ट मौके पर पहुंच गए। 
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तटबंध की मरम्मत के लिए तुरंत पत्थर मंगवा लिए गए हैं। वहीं, गंगा के तटीय गांवों कोहरपुर, मीरापुर आदि की ओर गंगा का कटान अब भी जारी है। गांव वाले रेत भरी बोरी लगाकर तटबंध बनाकर कटान रोकने की कोशिश कर रहे हैं। गांव ब्रह्मपुरी में तीसरे दिन भी पानी भरा रहा। रावली, बिजनौर मंडावर रोड पर भी मालन नदी पर बने रपटे पर अब पानी नहीं उतर रहा है। बालावाली में गंगा का पानी सड़क के स्तर से नीचे होने से यातायात फिर से सुचारु हो गया है। हालांकि अब पानी पहले से कम है और लगातार कम हो रहा है।

 
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