अफजलगढ़। नगर के मोहल्ला मंझोली में बस्ती से लगा हुआ डंपिंग ग्राउंड लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। गंदगी और बदबू से परेशान लोगों को अब यहां पड़े कूड़े में आग लगने से उठने वाले धुएं और प्रदूषण का भी सामना करना पड़ रहा है। हर तरफ धुआं फैला रहने से सांस से संबंधित बीमारियों से पीड़ित लोग परेशान हैं। उन्होंने बस्ती से डंपिंग ग्राउंड हटाने की मांग की है।
नगर पालिका क्षेत्र से निकलने वाले कूड़े को मोहल्ला मंझोली के डंपिंग ग्राउंड में डाला जाता है। यह आबादी के एकदम नजदीक है। कूड़े से उठने वाली दुर्गंध से लोगों का जीना मुहाल हो रहा है वहीं कूड़े में आए दिन आग लगा दी जाती है। इससे धुआं फैला रहता है। डंपिंग ग्राउंड के पास ही प्राथमिक विद्यालय भी है। यहां पढ़ने आने वाले बच्चों का भी दुर्गंध व धुएं से बुरा हाल रहता है।
सभासद मोहम्मद रिजवान हसन का कहना है कि डंपिंग ग्राउंड के कूड़े में उठते धुएं तथा दुर्गंध से बहुत दिक्कत होती है। इससे मोहल्ले में बीमारी फैलने का भय है।
मोहम्मद साद का कहना है कि कूड़ा डंपिंग ग्राउंड के बाहर आबादी तक फैला रहता है। इससे दुर्गंध आती रहती है। आवारा जानवर कूड़े को इधर-उधर फैलाते रहते हैं। पालिका अधिकारियों से कहने के बाद भी कोई समाधान नहीं हो रहा है। शीघ्र समस्या का समाधान होना चाहिए।
शमशाद कुरैशी का कहना है कि अक्सर डंपिंग ग्राउंड के अंदर पड़े कूड़े में आग लग जाती है जो दूर तक फैल जाती है। इससे स्थानीय लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। वहीं, इससे निकलने वाले धुएं से होने वाली बीमारी से परेशानी होती है। शीघ्र समस्या का समाधान कराया जाए।
सुहेल रजा का कहना है कि डंपिंग ग्राउंड के कारण स्थानीय लोगों का जीना मुहाल हो गया है। नगर पालिका अधिकारियों से बार-बार मांग करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं कराया जा रहा।
पालिका ईओ एसपी सिंह का कहना है कि डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा एकत्र किया जा रहा है जो करीब 1400 मीट्रिक टन है। इससे बाॅयोरेमेडिएशन (सूक्ष्म जीवों द्वारा कूड़े को विघटित कर निस्तारित करना) कराने के लिए शासन को स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही कूड़ा बाॅयोरेमेटेड कर यार्ड को खत्म कर दिया जाएगा।