बिजनौर। घटना की सूचना मिलने के बाद डॉग स्क्वायड की टीम मौके पर पहुंची और करीब तीन घंटे तक घटनास्थल पर जांच करती रही। डॉग पहले मकान के अंदर गए और इसके बाद करीब 100 मीटर के दायरे में ही घूमते रहे। काफी देर तक डॉग मकान के चारों ओर चक्कर लगाते रहे, लेकिन किसी निश्चित दिशा में आगे नहीं बढ़ सके। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि डॉग स्क्वायड के पहुंचने से पहले आसपास के काफी लोग घटनास्थल पर पहुंच गए थे। इस कारण डॉग स्कवॉयड भी एक सीमा तक घूमता रहा।
फोरेंसिक टीम सुबह करीब आठ बजे से जांच में जुट गई और दोपहर तीन बजे तक घटनास्थल पर मौजूद रही। इस दौरान टीम ने मकान और उसके आसपास से फिंगरप्रिंट लेने के साथ ही हत्या में प्रयुक्त सामान की तलाश की। घटनास्थल से मिले सभी साक्ष्यों को सुरक्षित कर जांच के लिए भेजा गया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार उनके गले पर रस्सी या तार जैसे किसी मजबूत वस्तु के निशान मिले हैं। इसके अलावा बाएं हाथ पर किसी भारी वस्तु से वार किए जाने के भी निशान मिले हैं, जिससे काफी खून बहा। माथे, नाक और चेहरे पर भी चोट के निशान पाए गए हैं। पुलिस का मानना है कि हत्या से पहले अनिल सोती ने खुद को बचाने का प्रयास किया और इस दौरान हत्यारे के साथ संघर्ष भी हुआ।
28 बीघा बाग के बीच फार्म हाउस, 100 मीटर दूर रहते थे नौकर
जिस फार्म हाउस में अनिल सोती की हत्या हुई, वह 28 बीघा बाग के बीचों-बीच बना है। आसपास दूर-दूर तक कोई मकान नहीं है। पुलिस का मानना है कि हत्यारे ने इसी एकांत का फायदा उठाया। अनिल सोती मकान में अकेले रहते थे, इसलिए उनकी चीख भी किसी तक नहीं पहुंच सकी। घटनास्थल से करीब 100 मीटर दूर उन्होंने एक घेर बना रखा था, जहां उनके सभी नौकर रहते थे। पुलिस ने नौकरों से भी पूछताछ की है। जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया है कि कुछ दिन पहले अनिल सोती ने पुलिस से शिकायत की थी कि झाल क्षेत्र का एक व्यक्ति उन्हें धमका रहा है और जमीन खरीदने का दबाव बना रहा है। वहीं, उनके भतीजे द्वारा जमीन का एग्रीमेंट किए जाने की बात भी पुलिस के संज्ञान में आई है। अब पुलिस इस पूरे घटनाक्रम को भी जांच का महत्वपूर्ण आधार मानकर पड़ताल कर रही है।