बिजनौर में हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में शासन ने सीएमओ को गाइड लाइन जारी कर बच्चों की आयु तय करने का अधिकार मेडिकल बोर्ड को दिए जाने के निर्देश दिए हैं। यानी अब मेडिकल बोर्ड ही बच्चों की आयु तय करेगा।
इससे पहले सभी औपचारिकता पूरी करने के बाद सीएमओ ही आयु प्रमाणपत्र जारी कर देते थे। सीएमओ ने बताया कि मेडिकल बोर्ड का गठन कर दिया गया है। बोर्ड में विशेषज्ञ चिकित्सक रखे गए हैं। सभी सदस्यों की रिपोर्ट लगने के बाद ही आयु प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।
बच्चों की आयु प्रमाणपत्र की पुरानी व्यवस्था को स्वयंसेवी संस्था गुड़िया ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। दायर वाद में अवगत कराया गया था कि आयु प्रमाणपत्र के लिए शरीर के जोड़ों, दांत आदि का एक्सरे कराकर जांच की जाती है।
इसलिए आयु निर्धारित करने के लिए संबंधित अंगों के विशेषज्ञ चिकित्सकों की राय आवश्यक है। इस मामले में हाईकोर्ट ने भी संस्था गुड़िया के सुझाव पर आदेश पारित कर दिया।
हाईकोर्ट के आदेश पर शासन ने सभी सीएमओ को जिले में मेडिकल बोर्ड गठित करने के निर्देश दिए हैं। बोर्ड के अध्यक्ष स्वयं सीएमओ होंगे। इनके अतिरिक्त एक फिजीशियन, एक रेडियोलॉजिस्ट और दंत रोग विशेषज्ञ बोर्ड में शामिल होगे।
बोर्ड में कुल चार सदस्य होंगे। आयु प्रमाणपत्र के लिए सभी सदस्यों की रिपोर्ट आवश्यक होगी। सीएमओ डॉ. मनमोहन अग्रवाल के मुताबिक शासन के निर्देश पर बोर्ड का गठन कर दिया गया है। बोर्ड की सूचना शासन को भेज दी गई है। अब बोर्ड के माध्यम से ही आयु संबंधित मेडिकल जारी किए जाएंगे।