बिजनौर/मंडावर। बुखार स्वास्थ्य विभाग की सुविधाओं पर पूरी तरह से हावी है। बुखार से मौतों का सिलसिला जारी है। मंडावर क्षेत्र निवासी बच्ची की डेंगू के कारण मेरठ में मौत हो गई। वहीं, डेंगू संभावित एक युवती को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मंडावर क्षेत्र के गांव मीरापुर निवासी कुसुमपाल की तीन वर्षीय पुत्री पूर्वी को पांच दिनों से बुखार आ रहा था। पहले उसका निजी चिकित्सकों से उपचार कराया। हालत में सुधार न होने पर बृहस्पतिवार को परिजन उसे बिजनौर में निजी चिकित्सक के यहां ले गए।
हालत बिगड़ने पर चिकित्सकों ने उसे मेरठ रेफर कर दिया। मेरठ में उपचार के दौरान शुक्रवार देर शाम बच्ची की मौत हो गई। पूर्वी के पिता का कहना है कि मेरठ में चिकित्सकों ने उसे डेंगू होने की पुष्टि की थी। गांव में दो दर्जन से अधिक लोग बुखार से पीड़ित हैं।
सभी का उपचार निजी चिकित्सकों के यहां चल रहा है। गांव निवासी कलीराम की पुत्री शीतल की बुखार के कारण हालत खराब है। वहीं, जलीलपुर ब्लाक क्षेत्र के गांव हीमपुर दीपा निवासी पदम सिंह की 22 वर्षीय पुत्री सुष्मिता को दो तीन से बुखार आ रहा था।
हालत में सुधार न होने पर उसको जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जिला अस्पताल फिजीशियन डॉ. योगेंद्र त्रिखा का कहना है कि युवती बुखार से पीड़ित है। उसमें सभी लक्षण डेंगू के दिखाई दे रहे हैं। उसे डेंगू संभावित रोगी कह सकते है। पुष्टि के लिए उसकी जांच कराई गई है।
उधर, सीएमओ डॉ. मनमोहन अग्रवाल का कहना है कि गांव मीरापुर में टीम भेजी जाएगी और सभी का उपचार कराया जाएगा। साथ ही मृत बच्ची की जांच रिपोर्ट के बाद ही डेंगू की पुष्टि की जा सकती है। जहां भी बुखार की सूचना मिलती है। टीम भेजकर मरीजों का उपचार कराया जाता है।