धामपुर। अल्हैपुर ब्लाक के 124 क्षेत्र पंचायत पदों के लिए शुक्रवार को 344 प्रत्याशियों ने नामांकन कराया। शनिवार को भी नामजदगी जारी रहेगी। इस दौरान प्रत्याशियों के साथ जबरन बेरीकेडिंग लांघ अंदर घुसने का प्रयास कर रहे समर्थकों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। जिन्हें नामजदगी के बाद छोड़ दिया गया।
निर्वाचन अधिकारी अश्वनी कुमार सिंह और एआरओ राजपाल सिंह ने बताया कि अब तक कुल 480 पर्चों की बिक्री हुई है। जिनमें से पहले दिन 344 पर्चे जमा हुए हैं। इनमें से एससी महिला के लिए 12 पद आरक्षित हैं। जिनमें 45 महिलाओं ने पर्चे जमा किए हैं।
एससी पुुरुष के 22 पदों से 65, ओबीसी महिला के 11 पदों के लिए 35, ओबीसी पुरुष 22 पदों के लिए 67, सामान्य महिला के 18 पदों के लिए 49 तथा अनारक्षित 38 पदों के लिए 83 प्रत्याशियों से पर्चे दाखिल किए। आरओ ने बताया कि दस अक्तूबर को सवेरे आठ बजे से चार बजे तक नामांकन पत्रों की बिक्री और जमा होंगे।
ब्लॉक में पूरे दिन गहमागहमी का माहौल रहा। व्यवस्था के लिए तहसीलदार और कोतवाल मुस्तैद रहे। अफजलगढ़ ब्लॉक में 572 पर्चों की बिक्री हुई। बीडीसी के 119 पदों के लिए पहले दिन 219 पर्चे जमा हुए।
नोड्यूूूज के नाम पर वसूली, हंगामा
धामपुर। अल्हैपुर ब्लाॅक में नामांकन के दौरान जिला पंचायत विभाग ने नोड्यूज के नाम पर जमकर लूट खसौट मचाई। अवैध वसूली होते देख प्रत्याशियों ने हंगामा कर दिया। आरोप है कि क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के चुनाव में जिला पंचायत के नोड्यूज की जरूरत नहीं है।
पंचायत सचिव का नोड्यूज ही माना जाता है, लेकिन निर्वाचन अधिकारी ने बीडीसी पंचायत चुनाव में जिला पंचायत का नोड्यूज भी आवश्यक कर दिया है, लेकिन तहसीलदार ने बीडीसी नामांकन प्रक्रिया में जिला पंचायत के इसको गलत ठहराया है।
अल्हेपुर ब्लॉक में नामांकन के दौरान ब्लॉक कार्यालय में जिला पंचायत ने काउंटर खोलकर नो ड्यूज देना शुरू किया तो प्रत्याशियों ने हंगामा किया। आरोप था कि नो ड्यूज के नाम पर अवैध वसूली चल रही है। तहसीलदार मौके पर पहुंचे। कहा कि बीडीसी में जिला पंचायत का नोड्यूज कोई मायने नहीं रखता है।