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तार की चपेट में आनेे से छात्र की मौत, दो झुलसे

Mon, 09 Nov 2015 12:21 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, बिजनौर
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नूरपुर। गांव अस्करीपुर में टूटे हाई वोल्टेज तार की चपेट में आकर एक छात्र की मौत हो गई। जबकि साथी को बचाने के प्रयास में दो छात्र झुलस हो गए।
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इस हादसे के विरोध में ग्रामीणों ने बिजनौर - मुरादाबाद स्टेट हाईवे पर जाम लगा दिया। एसडीएम और सीओ के पीड़ितों को आर्थिक मदद कराने और विद्युत निगम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने करीब सवा छह बजे जाम खोला।

इस दौरान मार्ग पर दोनों तरफ करीब एक किलोमीटर लंबी वाहनों की लाइन लग गई। इस कारण हजारों लोग परेशान रहे।

शनिवार को शाम करीब पांच बजे गांव अस्करीपुर निवासी नितिन पुत्र रमेश गांव के ही कुछ छात्रों के साथ अस्करीपुर इंटर कॉलेज के पास खेल रहा था। वहीं पर कॉलेज के बराबर में जा रहे रास्ते पर दो दिन से 11 हजार वोल्टेज लाइन टूटा पड़ा था।
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खेलते समय अचानक गांव के निजी स्कूल में कक्षा दो पढ़ने वाला नितिन  टूटे तार की चपेट में आ गया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

नितिन को बचाने के प्रयास में कक्षा दो के छात्र दीपक पुत्र जयप्रकाश और कपिल भी करंट की चपेट में आकर झुलस हो गए। मामले की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने फोन करके बिजलीघर में सूचना दी और विद्युत आपूर्ति बंद कराई और शव को तार के ऊपर से हटाया। नितिन की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष प्रदीप यादव झुलसे दीपक और कपिल को नूरपुर ले गए, वहां निजी चिकित्सक ने इलाज करके दोनों को छुट्टी दे दी। ग्रामीणों के अनुसार नितिन को बचाने में दीपक के दोनों हाथ झुलस गए।

जबकि कपिल करंट लगने से गिर गया था। हादसे के बाद नाराज ग्रामीणों ने शाम करीब पांच बजे छात्र के शव को बिजनौर-मुरादाबाद स्टेट हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया।

ग्रामीणों ने कहा जर्जर हो चुके तार अक्सर टूटते रहते हैं और कई बार विद्युत निगम के अफसरों से मांग करने के बाद भी तार नहीं बदले जा सके।

उन्होंने बताया गांव में स्कूल वाले रास्ते पर  बिजली का तार दो दिन से टूटा पड़ा था, सूचना देने के बाद भी अफसरों ने सप्लाई बंद कर तार हटाने की जरूरत नहीं समझी। यदि सूचना मिलते ही सप्लाई बंद करके तार को हटा लिया जाता तो हादसा नहीं होगा।

ग्रामीणों ने पीड़ित परिजनों को मुआवजा दिलाने, तार बदलवाने और आरोपी विद्युत निगम के कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की।

स्टेट हाईवे पर ग्रामीणों के जाम लगाने की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना पर सिवाला कला, नूरपुर और चांदपुर थानों की पुलिस मौके पर पहुंची।

नूरपुर के थानाध्यक्ष ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण डीएम और एसपी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे।

जाम लगने की सूचना मिलने पर एसडीएम चांदपुर राकेश यादव और सीओ  महेश आत्री करीब छह बजे मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों को समझा बुझाकर शांत किया।

उन्होंने आंदोलनकारियों को भरोसा दिया प्रशासन और शासन स्तर से पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद कराई जाएगी, विद्युत निगम के  अफसरों से वार्ता करते क्षेत्र में जर्जर तारों को बदलवाया जाएगा और तार टूटने के लिए दोषी विद्युत कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
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इसके बाद आंदोलनकारियों ने रास्ता खोला। इस दौरान मार्ग पर दोनों तरफ करीब एक-एक किलोमीटर लंबीवाहनों की लाइन लग गई। इससे हजारों लोग परेशान रहे। जाम खुलने पर लोगों ने राहत महसूस की।
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