ग्राम अथाई शेख में गिरी मकान की दीवार।
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नींदडू़ में बारिश के दौरान कमरे की दीवार गिरने से मलबे में दबकर पोते की मौत हो गई, जबकि दादी घायल हो गई। बारिश के पानी की निकासी न होने के कारण छत के रूप में डाली गई पॉलिथीन पर पानी भर गया था। पानी के दबाव से पॉलिथीन व दीवार पर वजन बढ़ गया और यह हादसा हुआ। मासूम की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
गांव अंथाई शेख निवासी नईम अहमद गांव के ही एक व्यक्ति के वाहन पर चालक के रूप में कार्य कर परिवार का लालन पालन करता है। शनिवार को वह वाहन लेकर दिल्ली गया था। घर पर बाकी परिजन मौजूद थे। नईम अहमद ने कुछ रूपये जमा कर पक्की ईंटों का कमरा बनाया था, लेकिन पर्याप्त धन की व्यवस्था नहीं होने के कारण वह कमरे पर लेंटर नहीं डाल सका था। सिर छिपाने के लिए कमरे की दीवारों पर छत के तौर पर मोटी पॉलीथिन की दोहरी परत डाल रखी थी। पॉलिथीन को रोकने के लिए उसके ऊपर की ओर ईंट आदि से चिनाई करा रखी थी। नईम अहमद अपने परिवार साथ प्लास्टिक के शेड में रह रहा था। दिन में करीब साढ़े 11 बजे मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। बारिश के समय नईम अहमद की मां शमीमा खातून (80), नईम के बेटे मोहम्मद हमजा (7) के साथ कमरे में चारपाई पर लेटी थी।
कमरे के दूसरे भाग में एक अन्य चारपाई पर नईम अहमद की भाभी शकीला, भतीजी शाइस्ता, सुमैय्या व नईम का छोटा बेटा मोहम्मद अल्तमश (4) बैठे थे। नईम अहमद की पत्नी तरन्नुम कमरे के बाहर की ओर बैठी थी। प्लास्टिक के शेड की छत पर बारिश के पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं थी। बारिश का पानी पॉलिथीन की छत पर जमा होता रहा। इससे पॉलिथीन की छत पर पानी का दबाव बढ़ गया। पॉलिथीन पर पानी जमा होने पर नईम का भतीजा मुरसलीन अपनी बहन रानी के साथ पड़ोसी के मकान पर चढ़कर पॉलिथीन से पानी निकालने का प्रयास करने लगे। लेकिन शमीमा खातून की ओर बनी दीवार यह वजन नहीं सह पाई और दीवार भरभराकर गिर गई। शमीमा खातून व हमजा मलबे में दब गए।
दीवार गिरने से परिजनों में चीख पुकार मच गई। परिजनों व गांव वालों ने तुरंत ही दोनों के ऊपर से मलबा हटाया। तब तक हमजा की मौत हो चुकी थी व शमीमा खातून गंभीर रूप से घायल थी। हमजा के सिर व छाती पर मलबा गिरने से गहरे घाव हो गए थे। हमजा की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। शमीमा खातून को उपचार के लिए तत्काल धामपुर के निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया। दीवार के मलबे में दबकर बालक की मौत की जानकारी पर राजस्व विभाग के लेखपाल हरिराज सिंह मौके पर पहुंचे तथा जायजा लिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिवार जनों द्वारा शव का अंत:परीक्षण नहीं कराने के निर्णय के बाद पंचनामा भरकर शव परिवार को सौंप दिया।