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देश का नाम रोशन कर रही जिले की बेटियां

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मेघना सिंह। - फोटो : BIJNOR
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देश का नाम रोशन कर रही जिले की बेटियां
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बिजनौर। जनपद की बेटियों ने सदैव अग्रणी रहते हुए अपने लिए मेहनत के दम पर अलग मुकाम हासिल किया तो जनपद की बेटियों को एक नई राह भी दिखाई। जनपद की बेटियों ने शिक्षा, खेल, समाज सेवा, उद्योग सभी क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बनाई है। बालिका दिवस पर ऐसी बेटियों की सफलता की कहानी।
ग्राम कोतवाली देहात की निवासी मेघना सिंह ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम में स्थान बनाकर जनपद की लड़कियों को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है। मेघना सिंह का चयन मार्च में न्यूजीलैंड में होने वाले महिला विश्व कप के लिए हुआ है। मेघना सिंह पूर्व में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध टेस्ट, वनडे तथा टी20 मैचों की श्रंखला में भाग ले चुकी है। भारतीय टीम 6 मार्च को पाकिस्तान के विरुद्ध अपने अभियान की शुरुआत करेगी तो पूरे देश की निगाहें मेघना सिंह की गेंदबाजी पर रहेंगी।
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धामपुर में जन्मी तथा ग्राम नवादा चौहान की बहू जयश्री विजेंद्र चौहान वीकलैंड मल्टी प्रोडक्ट कंपनी की एमडी हैं। यह जनपद के कई सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास बनवाने के लिए एलईडी दान कर चुकी है। ग्राम नवादा चौहान, इब्राहिमपुर साधो सहित कई गांवों में इन्होंने स्मार्ट क्लास बनवाने में मदद की है।जयश्री विजेंद्र चौहान ने कस्तूरबा विद्यालय में एक लाख रुपये की पुस्तक निशुल्क उपलब्ध करा चुकी हैं। इसके अतिरिक्त वह कई विद्यालयों में शौचालय निर्माण भी करा रही है। जयश्री विजेंद्र चौहान को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य सम्मानित कर चुके हैं।
हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के ग्राम फतेहपुर कलां निवासी देवेंद्र सिंह की पुत्री काजल ने यूपीएससी की परीक्षा 202 वी रैंक के साथ उत्तीर्ण की। ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर अथक परिश्रम से यह मुकाम हासिल करने वाली काजल जनपद की बेटियों की आदर्श बन गई है। काजल को आई ए एस कैडर मिला है। काजल ने अपने फूफा सुरेंद्र सिंह के घर पर रहकर शिक्षा प्राप्त की। वर्तमान में काजल देहरादून में ट्रेनिंग कर रही है।
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बिजनौर के साहित्य बिहार में जन्मी नियोफ्यूजन क्रिएटिव फाउंडेशन गुड़गांव की एमडी डॉ अनुभूति भटनागर अब तक हजारों बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में जोड़ चुकी है। उनके द्वारा पढ़ाई छोड़ चुके छात्र छात्राओं को शिक्षा की मुख्यधारा में लाया जा रहा है।वह लगभग दस हजार बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ चुकी हैं।डॉ अनुभूति भटनागर की संस्था द्वारा जनपद में परिषदीय विद्यालयों में कंप्यूटर लैब भी खुलवाए जा रही हैं। अनुभूति भटनागर की संस्था देश के 22 राज्यों में सक्रिय है तथा वह ऑनलाइन भी शिक्षा की व्यवस्था कर रही है। उनकी संस्था बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करती है तथा आर्थिक सहयोगी करती है।

अनुभूति भटनागर।- फोटो : BIJNOR

काजल।- फोटो : BIJNOR

जयश्री विजेन्द्र चौहान- फोटो : BIJNOR

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