बिजनौर। अपर जिला जज अलका चौधरी ने मोनिका हत्याकांड में मनोज उर्फ नेवला को दोषी पाया। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए मनोज को आजीवन कारावास एवं 11 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
थाना क्षेत्र मंडावर के गांव अंगाखेड़ी निवासी महेंद्र सिंह पुत्र ध्यान सिंह ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा था कि उसकी गांव असगरपुर के आरोपी भोपाल से पुरानी रंजिश चली आ रही थी। 25 जनवरी 2014 को वह अपनी बेटी मोनिका के साथ खेत पर गन्ना छील रहा था। इस दौरान आरोपी मनोज उर्फ नेवला, भोपाल सिंह पुत्र रामलाल, सुरेंद्र पुत्र देवराज सिंह, अमित पुत्र सत्येंद्र, टीटू प्रधान उर्फ टीकम सिंह पुत्र बाबूराम, सूरज पुत्र रामशरण हथियार लेकर आए। पुरानी रंजिश को लेकर महेंद्र और उसकी पुत्री के साथ गाली-गलौज करने लगे। महेंद्र और उसकी पुत्री मोनिका ने गाली देने से मना किया तो मोनिका को गोली मार दी।
महेंद्र पर भी गोली चलाई। मोनिका की मौके पर ही मौत हो गई। नामजद रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी मनोज उर्फ नेवला से हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद किया। इस मामले में न्यायाधीश अल्का चौधरी ने आरोपित मनोज उर्फ नेवला को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है। वहीं, साक्ष्य के अभाव में आरोपी भोपाल सिंह, सुरेंद्र, अमित, टीटू प्रधान उर्फ टीकम और सूरज को बरी कर दिया गया।