बिजनौर के कालागढ़ में रामगंगा बांध परियोजना की सिंचाई विभाग की कॉलोनी में करंट की चपेट में आकर आठ बंदरों की मौत हो गई। वन विभाग ने वन अपराध जारी कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
सिंचाई विभाग की नई कॉलोनी में आवास संख्या बी 105 के अहाते में तार फेसिंग के पास आठ बंदरों के मृत पाए जाने पर लोगों में खलबल मच गई। इसी कॉलोनी के निवासी इंटर कॉलेज के प्रवक्ता सतीश सिंह ने मामले की सूचना वन विभाग को दी।
सूचना पर वन विभाग के बीट इंचार्ज इंद्रमोहन ध्यानी, सूरज, भानू प्रकाश, सूरज और अमरजीत मौके पर पहुंचे। मौका-मुआयना कर इंद्रमोहन ध्यानि ने इस मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। इस पर उपप्रभागीय वनाधिकारी आरके तिवारी ने घटनास्थल का जायजा लिया।
उन्होंने बताया कि मरने वाले बंदरों में चार मादा, एक नर व तीन बच्चे हैं। वन विभाग के मुताबिक बंदरों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। अज्ञात में वन अपराध जारी कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
प्रथम दृष्टया मामले को देखकर लगता है कि खंभे से तार में करंट आने से ही बंदरों की मौत हुई होगी। वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि यह जांच का विषय है कि यह करंट किस तरह से आया।
उधर, विद्युत निगम के जेई दिनेश कुमार ने बताया कि खंभे के पास जो केबिल में कट है उसे दुरुस्त करा दिया गया है। प्रवक्ता के मुताबिक वह अपने घर गए हुए थे। मंगलवार की सुबह ही वह पहुंचे हैं। मामले के संज्ञान में आते ही वन विभाग को सूचना दे दी।