बिजनौर। जिले में गुलदारों को पकड़ने के लिए वन विभाग का नया प्रयोग कारगर साबित हुआ है। अब बकरियों की जगह पिंजरों में मुर्गे बांधे जा रहे हैं। मुर्गे की लगातार बांग और पंख फड़फड़ाने की आवाज से आकर्षित होकर गुलदार खुद पिंजरों तक पहुंच रहे हैं। इस अनोखी रणनीति से अब तक 15 गुलदार पकड़े जा चुके हैं। हालांकि अब तक 28 गुलदार पकड़े गए है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पहले बकरी बांधी जाती थी। जिलेभर से अब तक दस बकरियां चोर पिंजरों से चोरी कर चुके हैं। ऐसे में वन विभाग को गुलदार पकड़ना महंगा पड़ रहा था।
इसके बाद विभाग ने पिंजरों में मुर्गे रखने का तरीका अपनाया, जो बेहद सफल साबित हुआ। मुर्गों की बांग दूर तक सुनाई देती है और गुलदार उसे शिकार समझकर पिंजरे तक चला आता है। बिजनौर जिले में करीब 700 से अधिक गुलदारों के होने का अनुमान है। विभाग अब इसी मुर्गा ट्रैप तकनीक को और गांवों में लागू करने की तैयारी कर रहा है।