शहर इमाम को किया सुपुर्द-ए-खाक
शेरकोट। आलिम ए दीन शहर इमाम हजरत मौलाना रफीक अहमद कासमी के शव को हजारों नम आंखों के बीच मंगलवार सुबह नौ बजे मोहल्ला काजियान स्थित उनके पैतृक कब्रिस्तान में सुपुर्द- ए- खाक किया गया।
शहर इमाम हजरत मौलाना रफीक अहमद कासमी (75) का सोमवार शाम पांच बजे उस समय ह्दय गति रुकने से देहांत हो गया जब वे असर की नमाज पढ़ाने के लिए घर पर बजू कर मस्जिद जाने के लिए तैयार हो रहे थे। इस दौरान अचानक पीछे की ओर गिर पड़े और उनका देहांत हो गया। मंगलवार को उनके जनाजे की नमाज जब उनके बेटे फाजिल ने अदा कराई तो जनाजे में लोगों की आंखें नम हो गईं। उनके जनाजे में नगर के ही नहीं बल्कि धामपुर, देवबंद व बिजनौर आदि गांवों से हजारों हिंदु और मुस्लिम लोगों में काजी शमीम अहमद, पूर्व चेयरमैन शेख कमरुल इस्लाम, पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी, जमीअत उलेमा हिंद के जिलाध्यक्ष मौलाना उबेदुर्रहमान, मौलाना उत्तेर्रह्मान, मास्टर इश्तेहासन, कांग्रेसी नेता हुसैन अहमद अंसारी, कदीर अल्वी, विपिन कर्णवाल, शहाबुद्दीन सिद्दीकी, अरशद पैगाम, अब्दुल रऊफ ठेकेदार कारी शहजाद, एम क्यू मलिक मेहताब, अजीम, शफ्कत भारती, शेख नजरुल इस्लाम, मोहम्मद अकरम आदि ने उनकी अंतिम यात्रा में शिरकत की।