बिजनौर। सीमा विस्तार के बाद नगर पालिका की चुनौतियां भी बढ़ जाएंगी। नगर पालिका में अब तक 25 वार्ड हैं। नए परिसीमन के बाद वार्डों की संख्या बढ़कर 40 हो सकती है। इससे पालिका की आय में तो बढ़ोत्तरी होगी लेकिन जनता तक पेयजल, सड़क, साफ-सफाई की सुविधा पहुंचाने के लिए पहले से ज्यादा मशक्कत करनी होगी।
नगर पालिका में अब तक प्रतिदिन 40 टन कूड़ा निकलता है। एक अनुमान के बाद परिसीमन के बाद नया एरिया जुड़ने से कूड़ा भी बढ़कर 70 से 75 टन हो जाएगा। पालिका में अब तक 300 सफाई कर्मचारी हैं। इनकी संख्या अब बढ़ानी होगी। इससे रोजगार के अवसर मिलेंगे। कूड़ा उठाने के लिए ट्रैक्टर, ट्रॉली आदि उपकरण भी खरीदे जाएंगे। इस समय पालिका में 14 हजार 902 आवास व दुकान हैं। इनकी संख्या लगभग दोगुनी हो जाएगी।
पालिका 25 नलकूपों व आठ ओवर हेड टैंक से नागरिकों को पेयजल आपूर्ति करती है। सीमा विस्तार के बाद अब पालिका को नए नलकूप भी लगाने होंगे। हालांकि कुछ गांवों में पहले से ही नलकूप व ओवर हैड टैंक बने हैं। नगर पालिका का काम बढ़ेगा तो इसकी आमदनी भी बढ़ेगी। अब तक पालिका की सालाना आय ढाई करोड़ रुपये थी। यह जल कर व गृह कर के रूप में मिलती है। सीमा विस्तार के बाद नगर पालिका की आय दो करोड़ रुपये और बढ़ सकती है। नगर पालिका को विकास के लिए राज्य वित्त व 14वें वित्त से औसतन एक करोड़ रुपये हर महीने मिलते हैं। करीब एक करोड़ रुपया महीना तो नगर पालिका के कर्मचारियों का वेतन ही है। सीमा विस्तार के बाद अब यह राशि बढ़ जाएगी।
आम लोगों की जेब पर पड़ेगा बोझ भी
नगर पालिका में शामिल हुए गांव वालों को सुविधा मिलेंगी तो इसकी उन्हें कीमत भी चुकानी होगी। नगर पालिका सात प्रतिशत गृहकर, 12 प्रतिशत जल कर व जल मूल्य लेती है। मोटा अनुमान लगाया जाए तो 100 गज में बने एक औसत एक मंजिला मकान को साल में दोनों टैक्स के रूप में चार से साढ़े चार हजार रुपये तक देने होंगे। मकान का रकबा या भवन दोमंजिला, तीन मंजिला होने पर टैक्स और बढ़ जाएगा। साथ ही नगर पालिका क्षेत्र में बनने वाले मकानों पर नक्शा पास कराना अनिवार्य होगा। इसमें भी लोगों की जेब ढीली होगी।
चलेगा ओडीएफ प्लस अभियान
बिजनौर नगर पालिका खुले में शौचमुक्त घोषित हो चुकी है और इसमें शामिल होने वाले गांव भी। फिर भी एक बार फिर से नगर पालिका ओडीएफ प्लस अभियान चलाएगी। हर घर में शौचालय निर्माण या सार्वजनिक शौचालय का निर्माण एकदम सुनिश्चित किया जाएगा।