राजा का ताजपुर। बरात देर से आने पर दुल्हन और दूल्हा पक्ष के लोगों में कहासुनी हो गई। कहासुनी इतनी बढ़ी कि दोनों पक्ष शादी नहीं करने पर अड़ गए। काफी जद्दोजहद के बावजूद कोई नतीजा नहीं निकला तो बरात को बैरंग लौटना पड़ा। बाद में रिश्तेदारों की मध्यस्थता से एक दिन बाद शनिवार को दूल्हे के साथ आए पांच व्यक्तियों ने शादी की रस्में पूरी कराईं और दुल्हन को विदा कराकर ले गए।
शुक्रवार को चांदपुर क्षेत्र से ताजपुर में बरात आई थी। बरात दिन में करीब ढाई बजे पहुंची। देरी से आने पर दुल्हन पक्ष भड़क गया और दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। बरात को बिना दुल्हन के ही वापस जाना पड़ा। बाद में कुछ लोगों ने मध्यस्थता कर दोनों पक्षों से बात की। तब जाकर दोनों पक्ष शादी के लिए राजी हुए। शनिवार को दूल्हा पांच बरातियों के साथ आया। विवाह संस्कार पूरा कराया गया।